– पॉक्सो केस में आरोपी को बचाने का आरोप
नागपुर :- नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को फायदा पहुंचाने के लिए गवाह को धमकाकर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में हिंगणा थाने की महिला पुलिस उपनिरीक्षक दीक्षा ताजणे को मंगलवार दोपहर जिला न्यायालय परिसर से हिरासत में लिया गया. यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद सदर पुलिस की सहायता से की गई. मामला उस समय उजागर हुआ जब पॉक्सो कानून के तहत दर्ज एक केस के गवाह ने अदालत में खुलासा किया कि दीक्षा ताजणे ने उसे मामले में फंसाने की धमकी दी थी और ऐसा न करने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की थी. गवाह ने न्यायालय के समक्ष यह भी बताया कि उसने महिला उपनिरीक्षक को पहले ही 20 हजार रुपए दे दिए थे. इस गवाही के बाद वरिष्ठ सरकारी वकील सरोज खापर्डे ने न्यायालय को इस संबंध में शिकायत दी. इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर सदर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक दीक्षा ताजणे की
न्यायालय परिसर से हिरासत में ले लिया. जानकारी के अनुसार, यह मामला हिंगणा थाना क्षेत्र के वानाडोंगरी इलाके का है, जहां नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक नाबालिग छात्रा के साथ तवेरा कार चालक ने छेड़छाड़ की थी. घटना का वीडियो कार में मौजूद दूसरे छात्र ने रिकॉर्ड कर पीड़िता के परिवार को दिखाया था. वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिसे निरीक्षक अमोल देशमुख ने बताया कि सरकारी वकील की शिकायत और न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई की गई. आरोपी अधिकारी को आगे की जांच के लिए परिमंडल-एक के उच्च अधिकारियों के हवाले किया गया है थाने के पुलिस निरीक्षक जितेंद्र बोबड़े ने कहा, गवाह द्वारा न्यायालय में दिए गए बयान के आधार पर उपनिरीक्षक ताजणे को हिरासत में लिया गया है. बुधवार को वरिष्त अधिकारी इस मामले में पूछताछ करेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
आरोपी चालक लीलाधर मंसाराम समर्थ (37) को हिंगणा पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बताया गया कि इस मामले का गवाह पीड़िता का रिश्तेदार है. पुलिस के मुताबिक, अपराध हिंगणा थाना क्षेत्र में दर्ज है, इसलिए आरोपी महिला पुलिस अधिकारी को परिमंडल-एक के पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश सिंगारेड्डी के दल को सौंपा गया है.
महिला पुलिस कर्मी द्वारा पॉक्सो मामले में इस प्रकार का लचर रवैया अपनाने और आरोपियों की फायदा पहुंचाना सवालों के घेरे में है.




