अमरावती संभाग के लिए 2,034 करोड़ की राहत निधि स्वीकृत

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– किसानों से ई-केवाईसी और आईडी पंजीकरण कराने का आग्रह

अमरावती :- राज्य सरकार ने रबी मौसम के लिए बीज और सहायक वस्तुओं के लिए विशेष राहत पैकेज के अंतर्गत अमरावती संभाग को 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर (3 हेक्टेयर की सीमा के भीतर) की दर से 2,034 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राहत निधि स्वीकृत की है। यह सहायता अमरावती संभाग के अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम जिलों में जून से सितंबर 2025 तक भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करेगी। संभागीय आयुक्त डॉ. श्वेता सिंघल ने बताया कि राजस्व और वन विभाग ने 4 नवंबर को इस संबंध में एक सरकारी निर्णय जारी किया है। उन्होंने संभाग के किसानों से यह सहायता प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खातों से ई-केवाईसी और किसान आईडी हटाने की भी अपील की है।

राज्य के अधिकांश जिलों में जून से सितंबर 2025 की अवधि के दौरान भारी बारिश और बाढ़ ने आपदा उत्पन्न की है, जिससे किसानों के खेतों और कृषि फसलों को नुकसान पहुँचा है, साथ ही जान-माल की भी हानि हुई है। तदनुसार, राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, राज्य सरकार ने आगामी रबी सीजन में प्रभावित किसानों को बीज खरीद और संबंधित मामलों के लिए विशेष सहायता प्रदान करने हेतु अमरावती संभाग के लिए एक राहत निधि को मंजूरी दी है।

तदनुसार, अमरावती संभाग में 20 लाख 86 हजार 445 किसानों को कुल 2,034 करोड़ 43 लाख 46 हजार रुपये वितरित किए जाएँगे। इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए संबंधित राजस्व एजेंसियों को सरकारी निर्णयों के माध्यम से निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। यह राहत निधि डीबीटी पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे वितरित की जाएगी। इसके लिए, कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्धारित प्रारूप में सभी लाभार्थियों की जानकारी सावधानीपूर्वक तैयार करनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों को इसे कंप्यूटर सिस्टम में भरना चाहिए और अनुमोदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। सहायता प्रदान करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राकृतिक आपदाओं के लिए निर्धारित नियम व शर्तें पूरी हों। साथ ही, संबंधित जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि बैंक प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि को ऋण खाते में या अन्य वसूली के लिए न डालें।