– प्रसूति भले निशुल्क, पर दवाइयों से टेस्ट तक सबके पैसे दे रहे परिजन
नागपुर :- बाल व मातृ मृत्यु दर नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा जननी शिशु सुरक्षा योजना लागू की गई है. योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को निःशुल्क प्रसूति सुविधा प्रदान की जाती है. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले जिला और ग्रामीण अस्पतालों में यह योजना लागू है, लेकिन मेडिकल और मेयो में योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. महिलाओं की प्रसूति तो निःशुल्क होती है, लेकिन दवाई सहित अन्य खर्च परिजनों को ही करना पड़ता है. दोनों अस्पतालों में प्रसूति से संबंधित दवाइयां और टेस्ट के लिए शुल्क देना पड़ता है. केवल बेड सहित इलाज का ही शुल्क नहीं लगता. सरकार ने 2 अक्टूबर 2011 को जननी शिशु सुरक्षा योजना की घोषणा की थी. इस योजना को ग्रामीण और जिला अस्पतालों में कार्यान्वित किया गया है. वर्ष 2012 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी इस योजना को लागू करने का आदेश जारी किया गया था. नागपुर के मेडिकल और मेयो अस्पतालों के प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग तक आदेश पहुंचा, लेकिन 13 साल बीत जाने के बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका. शुरुआत में महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा था, लेकिन अब वह प्रक्रिया भी बंद हो गई है.








