– शिवसेना ठाकरे गुट के नेता और पूर्व परिवहन मंत्री अनिल परब ने लगाये आरोप
नागपुर :- शिवसेना ठाकरे गुट के नेता और पूर्व परिवहन मंत्री अनिल परब ने परिवहन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भरत कलस्कर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने विधान परिषद में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि ‘ब्रह्मास्त्र’ का दावा करने वाले और किसी को न रोक पाने का दावा करने वाले इस अधिकारी ने तबादलों के नाम पर 331 अधिकारियों से 5० लाख रुपये प्रति अधिकारी की मांग की. अनिल परब ने बताया कि, भरत कलस्कर ने 331 अधिकारियों के तबादलों के लिए 5० लाख रुपये प्रति अधिकारी की मांग की. उनका तरीका यह था कि वे पहले 1० लाख रुपये की पहली किस्त लेते थे, फिर तबादला करते थे. इस उत्पीडऩ से तंग आकर विभाग के 245 अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. मंत्री को शायद इसकी जानकारी न हो, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? यह सवाल अनिल परब ने उठाया था.
कलस्कर की करतूतों की कहानी सुनाते हुए परब ने कहा, यह अधिकारी ऐसे बर्ताव करता है जैसे उसे कोई रोक ही नहीं सकता.मुझे विधायकों और सांसदों के पत्र मिलते हैं, मैं उन्हें कूड़ेदान में फेंक देता हं. मेरा कार्यकाल सिर्फ सात महीने बचा है. कलस्कर खुलेआम कहता है कि मुझे कोई रोक नहीं सकता. परब ने यह भी दावा किया कि उसने अब तक 6० तबादले किए हैं और फर्जी लाइसेंस बांटे हैं.
कलस्कर अपने से निचले अधिकारियों को यह कहकर धमकाता है कि उसके पास ब्रह्मास्त्र है. परब ने इस ओर इशारा किया. मुझे शिकायतों का डर नहीं है, मैं जो चाहूं वो करूंगा. यह अधिकारी कहता है कि उसके पास ब्रह्मास्त्र है, तो फिर यह किसका ब्रह्मास्त्र है?. अनिल परब ने सरकार से उसका नाम सार्वजनिक करने की मांग की. अनिल परब ने कलस्कर पर न केवल रिश्वतखोरी का, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप लगाया. इस अधिकारी ने अन्य के नाम से फर्जी कंपनियां स्थापित की हैं. जब केवल 3 पंजीकृत कंपनियों में कोई लेन-देन नहीं हुआ, तो पैसा कहां से आया?. अनिल परब ने दावा किया कि भ्रष्टाचार का काला धन इन कंपनियों में निवेश किया जा रहा है और उसे सफेद धन में बदला जा रहा है. परब ने सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि, पिछले ढाई वर्षों में आपकी कृपा से ही मुझे ईडी और आयकर विभाग का अच्छा अध्ययन करने का अवसर मिला है, इसलिए मैं इन घोटालों को जल्दी समझ जाता हूं. परब ने कहा कि अगर मंत्री इतने सारे सबूत उपलब्ध होने के बावजूद इस अधिकारी को बचाने की कोशिश करते हैं, तो हमें कहना पड़ेगा कि यह सब उनकी कृपा से हो रहा है.








