– तेजी से बढ़ते झील के जल स्तर को लेकर नागरिक चिंतित, सरकार से मंदिर को बचाने की मांग
बुलढाणा :- विश्व विख्यात लोणार झील का बढ़ता जल स्तर दिन-प्रतिदिन चिंता का विषय बनता जा रहा है। पानी कमलजा माता के मुखौटे तक पहुंच गया है। इसके चलते जल्द ही मुखौटा पानी में डूबने की संभावता जताई जा रही है। बता दें कि गत 15 दिसंबर को कमलजा माता का मंदिर बाहर से पांच से छह फीट तक पानी में डूब गया था। वहीं मंदिर के अंदर भी जलस्तर तीन से चार फीट तक पहुंच गया था। अब बीस बाईस दिनों में देखा जा रहा है कि पानी एक फुट और बढ़ चुका है। जलस्तर सीधे कमलजा माता के मुखौटे तक पहुंच गया है। तट पर स्थित विराज धारातीर्थ में गौशाला के मुख से लगातार पानी की धारा गिरती रहती है। यह पानी सरोवर में जा रहा है। इसी बीच, सरोवर स्थित रामगया, सीता नहानी और पापहर्षवर कुंड के झरने तेज बहाव के साथ सरोवर में बह रहे हैं। लोणार शहर के श्रद्धालु तथा निवासियों की मांग है कि सरकार इस पर ध्यान दें। बढ़ते जलस्तर को रोकने तथा कमलजा माता मंदिर को जलमग्न होने से बचाने के लिए उपाय करें।








