चंद्रपुर :- नगर निगम में ‘ओबीसी महिला’ महापौर आरक्षण की घोषणा के बाद सियासी पारा चढ़ चुका है, लेकिन कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के दो कद्दावर नेताओं—सांसद प्रतिभा धानोरकर और विधायक विजय वड्डेटिवार—के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब ‘प्रतिष्ठा का सवाल’ बन गई है।
दोनों गुटों के बीच अब तक किसी साझा रणनीति पर सहमति नहीं बन पाई है, जिसका सीधा असर पार्टी की एकजुटता पर दिख रहा है। कांग्रेस के पास सर्वाधिक 7 महिला दावेदार होने के बावजूद, आपसी फूट का सबसे बड़ा फायदा भाजपा को मिलने के आसार बढ़ गए हैं।
जहाँ कांग्रेस के दिग्गज अपने ‘आखिरी दांव’ की तैयारी में हैं, वहीं उबाठा (शिवसेना) के पार्षद ‘वेट एंड वॉच’ की भूमिका में हैं। राजनीति के इस दंगल में अब देखना दिलचस्प होगा कि गुटबाजी की इस आग के बीच महापौर की कुर्सी पर कौन विराजमान होता है।