हाईकोर्ट के आदेश पर मनपा की बड़ी कार्रवाई, पूनम चैंबर में 70 अवैध ढांचे ध्वस्त

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– छिंदवाड़ा रोड पर चला मनपा का बुलडोज़र, अवैध बेसमेंट समेत निर्माण गिराए

– दस्तावेज पेश न करने का खामियाजा, पूनम चैंबर पर मनपा का सख्त एक्शन

नागपुर :- उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, मनपा के प्रवर्तन विभाग और जोन कार्यालय की टीम ने मंगलवार को छिंदवाड़ा रोड स्थित पूनम चैंबर बहुमंजिला इमारत में लगभग 7० अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया.

इस इमारत में बने अवैध निर्माण, जिसमें बेसमेंट भी शामिल था, को ध्वस्त कर दिया गया. इस संबंध में, मनपा और जोन के प्रवर्तन विभाग द्वारा मंगलवार को दुकान मालिकों को नोटिस जारी किया गया था. इसमें उन्हें 4 फरवरी तक दुकाने खाली करने का निर्देश दिया गया था. 28 नवंबर, 2०25 को उच्च न्यायालय की नागपुर बेंच ने एक रिट याचिका के आधार पर गैर-आवेदक नंदकुमार हरिचंदानी को भवन निर्माण की मंजूरी और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज स्वयं प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. 4 दिसंबर, 2०25 को गैर-आवेदक नंदकुमार हरिचंदानी उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए. उन्होंने इस संबंध में कार्यालय में दस्तावेज भी जमा नहीं कराए.

इसके चलते महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1966 की धारा 53 ( 1 ) के तहत नोटिस जारी किया गया. 2० जनवरी को उन्हें अंतिम आदेश दिया गया और 15 दिनों के भीतर अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया. हालांकि, इस पर कार्रवाई न होने के कारण मनपा के प्रवर्तन विभाग ने 4 फरवरी, 2०26 तक सभी कमरों को खाली करने का आदेश जारी किया था और अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई 5 फरवरी से शुरू होगी, ऐसी चेतावनी दी थी.

इसके अनुसार मनपा उपायुक्त और मंगलवार जोन के सहायक आयुक्त अशोक गराटे, प्रवर्तन विभाग के सहायक आयुक्त हरीश राउत के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई. सुबह 1०.3० बजे अवैध निर्माणों को गिराने का काम शुरू हुआ. प्रवर्तन विभाग और सिविल कार्यालय की विध्वंस टीम सहित लगभग 4० कर्मचारियों ने इस कार्रवाई में भाग लिया. प्रवर्तन विभाग के अधीक्षक संजय कांबले और मंगलवारी जोन के उप अभियंता प्रशांत नेहरे के नेतृत्व में यह कार्रवाई शुरू की गई. इस दौरान नागपुर पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था. मनपा के कनिष्ठ अभियंता ज्ञानेश्वर मिटकरी, अशोक खेडक़र और दीक्षा कलसकर भी उपस्थित थे. प्रवर्तन विभाग के कर्मचारियों ने हथौड़ों की मदद से कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान दुकान मालिकों को अपना सामान हटाने का अवसर दिया गया.