– नई दुकान–पुरानी दुकान विवाद पर मंडी में बवाल, माल फेंकने की धमकी से तनाव
– अधूरा नया बाजार बना विवाद की जड़: एपीएमसी ने शांति बनाए रखने की अपील की
नागपुर :- कलमना सब्जी मंडी में दुकानों के आवंटन को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जय किसान वेलफेयर एसोएिशन के पदाधिकारी नए मार्केट में दुकानें लेने वाले आढ़तिया को पुरानी दुकानों में काम नहीं करने दे रहे हैं। सोमवार को 100 से ज्यादा आढ़तिया ने मार्केट के पूर्व अध्यक्ष नंदू गौर की दुकान का घेराव किया और नए मार्केट की दुकान में जाकर काम करने के लिए कहा। नंदू गौर द्वारा विरोध किए जाने पर विवाद बढ़ने लगा। आंदोलनकारी आढ़तिया ने दुकान बंद करने पर वजन और माल फेंकने की धमकी दी। उधर, नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति ने कलमना थाने के थानेदार को एक पत्र लिखकर कहा है कि, बाजार समिति ने जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन और युवा आढ़तिया सब्जी एसोसिशन के बीच जारी विवाद का संझान लेते हुए दोनों के साथ बात की। बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि, जब तक नए सब्जी बाजार का अधूरा काम पूरा नहीं हो जाता तब तक सभी आढ़तिया व व्यापारी पुरानी दुकानों से ही काम कर सकेंगे। दोनों संगठनों से इस दौरान शांति बनाए रखने की अपील की गई है।सोमवार को जय किसान वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा नए मार्केट में दुकान आवंटित किए गए आढ़तियों को पुरानी दुकानों में कारोबार करने से रोक दिया गया। इससे नाराज होकर 100 से अधिक आढ़तियों ने मंडी के पूर्व अध्यक्ष नंदू गौर की दुकान का घेराव किया और उनसे नए मार्केट में आवंटित दुकान में जाकर काम शुरू करने की मांग की।
बताया जा रहा है कि नंदू गौर द्वारा इस मांग का विरोध किए जाने पर मौके पर विवाद और बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति को देखते हुए व्यापारियों में तनाव बना हुआ है।
आढ़तियों का कहना है कि जब नए मार्केट में उन्हें दुकानें आवंटित की गई हैं, तो उन्हें पुराने मार्केट में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष का तर्क है कि नई दुकानों में आवश्यक सुविधाएं अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए पुराने परिसर में काम करना उनकी मजबूरी है। व्यापारियों ने प्रशासन से इस विवाद में तत्काल हस्तक्षेप करने और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि मंडी में व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें और रोजमर्रा की सब्जी आपूर्ति प्रभावित न हो। जय किसान व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष विनोद लोखंडे ने कहा है कि, बाजार समिति से जिन आढ़तिया ने नई दुकानें किराए पर ली हैं, उन्हें वहीं पर जाकर काम करना चाहिए। युवा आढ़तिया एसोसिएशन सभी आढ़तिया का संगठन है। दुकानें लेने से पहले उन्होंने अन्य आढ़तिया का भी विचार करना चाहिए था।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
बाजार समिति ने 144 दुकाने बनाई हैं और मार्केट में 400 से ज्यादा लाइसेंसधारी आढ़तिया है। युवा आढतिया सब्जी एसेोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व सलाहकार नंदू गौर ने कहा कि, मार्केट में हाल ही में आवंटित की गई दुकानों से हमने व्यापार शुरू किया था, लेकिन नई दुकानों में कुछ काम शेष है। जब तक दुकानों की मरम्मत का काम पूरा नहीं होता तब तक पुरानी दुकानों से काम करने की इजाजत हमें बाजार समिति ने दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारी 100 से ज्यादा लोगों को लाकर हम पर दुकानें बंद करने का दबाव बना रहे हैं, यह अनुचित है।