– वॉकिंग ट्रैक पर जिम लगाने से बढ़ी परेशानी, आमसभा में गूंजा मुद्दा
– घटिया उपकरणों से बुजुर्ग और बच्चे हो रहे घायल, पार्षदों ने उठाए सवाल
7 दिन में लगेंगे ठेकेदारों के बोर्ड, मनपा ने दिए सख्त निर्देश
नागपुर :- शहर के उद्यानों और सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लगाए गए ग्रीन जिम अब उनके लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं. शुक्रवार को हुई मनपा की आम सभा में यह मुद्दा गरमाया रहा जहां पार्षदों ने खराब उपकरणों और रखरखाव के अभाव में हो रहीं दुर्घटनाओं पर चिंता जताई. कई हिस्सों का उदाहरण देते हुए पार्षद अभिजीत झा ने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली इस तरह बेतरतीब है कि वॉकिंग ट्रैक पर ही ग्रीन जिम बना दिया है जिससे सुबह बगीचे में घूमने जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. किस स्थान पर किस ठेकेदार ने ग्रीन जिम लगाया, इसका बोर्ड तक नहीं लगाया गया है.
मनपा के उद्यान विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शहर में ग्रीन जिम लगाने पर 7.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और इनके रखरखाव (मेंटेनेंस) पर भी 1.25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में सालभर के भीतर ही उपकरण खराब हो गए हैं. पार्षदों ने आरोप लगाया कि घटिया क्वालिटी के मैकेनिकल इक्विपमेंट के कारण बुजुर्ग और बच्चे चोटिल हो रहे हैं. चर्चा के दौरान वरिष्ठ पार्षद पिंटू झलके ने कहा कि इन उपकरणों का कोई क्वालिटी चेक या तकनीकी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है. उपकरणों के सही ‘कैलिब्रेशन’ न होने के कारण व्यायाम करने वाले नागरिकों के कंधे और पैरों में चोट लगने का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा कुछ स्थानों पर ग्रीन जिम सीधे वॉकिंग ट्रैक पर लगा दिए गए हैं जिससे पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही है. शहर में नगर निगम के अलावा सांसद निधि, विधायक निधि और जिला खेल अधिकारी (डीपीडीसी) के माध्यम से भी जिम लगाए जा रहे हैं.
ठेकेदारों की मनमानी और जानकारी का अभाव
नियमों के अनुसार, मनपा द्वारा लगाए गए जिम के लिए 5 साल का ‘डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड’ तय किया गया है जिसके तहत मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होती है. हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि किसी भी ग्रीन जिम के पास ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों के विवरण वाला बोर्ड नहीं लगा है. इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए महापौर ने निर्देश दिए है कि अगले 7 दिनों के भीतर सभी स्थानों पर ठेकेदार के नाम, कार्य अवधि और मेंटेनेंस की जानकारी वाले बोर्ड लगाए जाएं.



