चंद्रपुर :- ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे पद्मापुर गांव के पास के जंगलों में आज एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस इलाके में AK-47 राइफल का एक जिंदा कारतूस मिलने से पूरे जिले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो हथियार केवल सुरक्षा बलों के पास होता है, उसका कारतूस आम जंगल में आखिर आया कहां से?
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पद्मापुर गांव की सीमा से लगे जंगल में एक व्यक्ती को जमीन पर एक चमकती हुई धातु की वस्तु दिखाई दी। पास जाकर देखने पर पता चला कि यह एक अत्याधुनिक बंदूक का जिंदा कारतूस है। नागरिकों ने बिना देरी किए इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।
सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान!
यह कारतूस 7.62x39mm कैलिबर का है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से AK-47 जैसी ऑटोमैटिक राइफलों में किया जाता है। चूंकि चंद्रपुर जिला नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली की सीमा से सटा हुआ है, इसलिए इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
नक्सली हलचल? क्या नजदीकी जंगलों में नक्सलियों की आवाजाही बढ़ गई है?
शिकारी गिरोह सक्रिय? क्या वन्यजीवों के शिकार के लिए अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है?
बड़ी साजिश का हिस्सा? क्या इस क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी?
पद्मापुर और आसपास के गांवों के किसानों और निवासियों में इस घटना के बाद हडकंप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आशंका जताई जा रही है कि जंगल में और भी विस्फोटक या कारतूस छिपे हो सकते हैं।



