– वन विभाग के अधिकारियों को बुलाने की मांग, पुलिस ने समझाने का किया प्रयास
यासीन शेख,गोंदिया :- तिरोडा साकोली राज्य मार्ग पर स्थित नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र रिजर्व के शिवनटोला-पिटेझरी प्रवेशद्वार के पास रविवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों ने चक्का जाम आंदोलन किया। इस आंदोलन के चलते मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण एक महिला को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। आंदोलनकारी ग्रामीणों का कहना था कि जब तक संबंधित महिला को उचित आर्थिक मदद नहीं दी जाती, तब तक वे सड़क से हटने वाले नहीं हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी और आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
घटना की सूचना मिलते ही साकोली उपविभागीय पुलिस अधिकारी शिवम विसापूरे, सहायक पुलिस निरीक्षक राजू साळवे, पुलिस उपनिरीक्षक निता इवनाते तथा उपनिरीक्षक अर्जुन बेडवाल अपने पुलिस दल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और मार्ग खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस दौरान क्षेत्र के माजी जिला परिषद सदस्य डॉ. नेपाल रंगारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। डॉ. रंगारी ने कहा कि जब तक लाखनी क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी को घटनास्थल पर नहीं बुलाया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो अन्य गांवों के लोगों को भी आंदोलन में शामिल किया जाएगा, जिससे आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संयम बरतते हुए हालात को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों और प्रशासन के बीच वार्ता जारी थी और समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे थे।


