नितिन गडकरी का सख्त आदेश : 8 दिनों में नागपुर से हटेगा अतिक्रमण

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– फुटपाथ से सड़क तक कब्ज़ा ही कब्ज़ा : नागपुर में बड़े सर्वे की तैयारी

– इंजीनियरिंग छात्रों से होगा स्वतंत्र सर्वे, खुलेंगी जमीन कब्ज़ों की परतें

नागपुर :- नागपुर शहर में कई जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है. अधिकांश सडक़ों पर अतिक्रमण की भरमार है. फुटपाथ पर दुकानें सजी हुई हैं. राहगीरों को चलने के लिए जगह नहीं है. केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने निर्देश दिया कि इन सभी पर तत्काल कार्रवाई करें और नागपुर को अतिक्रमण के अभिशाप से मुक्त करें और आठ दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें. नितिन गडक़री ने रविवार, 29 मार्च को नगर निगम एवं नासुप्रो अधिकारियों को यह निर्देश दिए.

शहर में विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं की समीक्षा हेतु केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर एक बैठक हुई. इस अवसर पर पालकमंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, राज्यसभा सदस्य माया इवनाटे, विधायक कृष्णा खोपड़े, उपमहापौर लीला हाथीबेड़, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दानी-वाखरे, सत्तारूढ़ दल के नेता बाल्या बोरकर, नगर निगम आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर, पूर्व विधायक डॉ. मिलिंद माने और अन्य उपस्थित थे.

नागपुर शहर में अतिक्रमित स्थलों का सर्वेक्षण करें. जानिए इन सीटों का पट्टा किसके पास है, इन सीटों पर किसका कब्ज़ा है, इनका आरक्षण क्या है. यह काम नागपुर नगर निगम और नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट करना चाहते हैं. लेकिन नगर निगम और एनएसयूपी के सर्वेक्षण की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए, इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के माध्यम से एक स्वतंत्र सर्वेक्षण करें, ऐसा निर्देश श्री गडक़री ने मनपा आयुक्त को दिये. आगे उन्होंने कहा, इस सर्वे के बाद यह जानकारी मिलेगी कि खेल के मैदान या पार्क के लिए कौन-कौन से स्थान आरक्षित हैं. उसी के अनुरूप मैदानों व पार्कों का विकास किया जाए.

शहर में जल आपूर्ति, सभी के लिए आवास, शहर में 2०० खेल के मैदानों और पार्कों का विकास, शहर को झुग्गियों से मुक्तकरने के लिए बांग्लादेश पैटर्न का कार्यान्वयन, नाग नदी और पोहरा नदी प्रदूषण मुक्त अभियान के तहत भूमिगत गटर लाइन का निर्माण, शहर में चौबीस घंटे जल आपूर्ति योजना का कार्यान्वयन, केंद्र सरकार की मदद से अमृत 1 और अमृत चरण 2 केतहत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, पुराने भंडारा रोड का चौड़ीकरण, मौजा चिंचभुवन क्षेत्र में 3० मीटर चौड़ी सडक़ के लिए जगह. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने दलित बस्तियों में चल रहे विकास कार्यों, भूमि अधिग्रहण और सीमेंट सडक़ की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जाना. इस संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि इन सीटों के निर्धारण के लिए नगर निगम स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए.

इस अवसर पर नागपुर शहर में नगर निगम एवं नासुप्र के स्वामित्व वाली खुली जगह की जानकारी दी गयी. उन्होंने इस स्थान का उपयोग सब्जी एवं मटन मार्केट विकसित करने के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने केनिर्देश दिये. नगर पालिका, नासुप्र, नजूल सीटों पर एक साथ विचार किया जाए, कई बार स्ट्रीट मार्केट से नागरिकों को असुविधा होती है. उन्होंने यह भी कहा कि देखने में आ रहा है कि यातायात बाधित हो रहा है. उन्होंने इन स्थानों पर फूड मॉल एवं हॉकर्स जोन बनाये जाने के संबंध में निर्देश दिये.

आगे श्री गडकरी ने कहा, ऐसी व्यवस्था करें कि जो लेआउट नगर निगम को सौंप दिए गए हैं या जिनकी प्रक्रिया शुरू हो गई है, उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए दोबारा नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पास नहीं जाना पड़े.

नाग नदी प्रदूषण मुक्त कार्यक्रम

नाग नदी और पोहरा नदी के प्रदूषण को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 24०० करोड़ रुपए मंजूर किए हैं. इन निधियों का समुचित उपयोग किया जाना चाहिए. इसके लिए डीपीआर तैयार की जाए. नाग नदी और पोहरा नदी होगी प्रदूषण से मुक्त शहर की ये दोनों नदियां प्रदूषण से मुक्त होंगी. इसके लिए अच्छी योजना बनायें, केन्द्र सरकार द्वारा दिये गये धन का सदुपयोग हो. उन्होंने इस हेतु तकनीकी एवं वित्तीय अर्हता रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिये. उन्होंने यह भी कहा कि ये कार्य गुणवत्ता के साथ किये जाएं, इससे शहर की इन दोनों नदियों की सफाई में मदद मिलेगी. साथ ही तकनीकी एवं वित्तीय योग्यता में कोई समझौता न करें. ऐसा गडक़री ने कंपनी और नगर पालिका अधिकारियों से कहा.

चालीस प्रतिशत ड्रॉपआउट किस लिए?

नाग नदी सफाई से लेकर 200 पार्क तक : नागपुर के विकास का बड़ा ब्लूप्रिंट

नागपुर नगर निगम इस वर्ष 75 वर्ष पूरे कर रहा है. इस अवसर पर शहर में 75 उद्यान एवं 75 खेल के मैदान विकसित करने की योजना बनायें. इससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वरिष्ठ नागरिकों को घूमने केलिए उपयुक्त स्थान भी मिलेगा. साथ ही किसी क्षेत्र के बच्चों की खेल रुचि को ध्यान में रखते हुए मैदान का विकास करें. ऐसा श्री गडकरी ने सुझाव दिया. इस संबंध में उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इन सीटों के निर्धारण के लिए नगर निगम स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए.