– नियोग थेरेपिस्ट विजय गुप्ते के 75वें जन्मदिवस पर विशेष लेख
जीवन में कुछ व्यक्तित्व ऐसे मिलते हैं, जो केवल हमारा जीवन नहीं बदलते, बल्कि हमें एक नया रूप भी देते हैं। नियोग थेरेपिस्ट विजय गुप्ते मेरे लिए ऐसे ही एक व्यक्तित्व हैं। उनके 75वें जन्मदिवस के अवसर पर, उनके प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए मन कृतज्ञता से भर उठता है।
लगभग 28 वर्ष पहले की बात है। उस समय मेरी और गुप्ते सर की कोई पहचान नहीं थी। मैं एक बीमारी से पीड़ित था। उसी दौरान मुझे डॉ. अजय प्रधान का पता मिला और उनके सेंटर पर ही मेरी पहली मुलाकात गुप्ते सर से हुई—जो मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई।
पहले ही दिन उपचार से मुझे पीठ दर्द में काफी राहत मिली और उसी क्षण मैंने तय कर लिया—*मुझे यह सीखना ही है। गुप्ते ने मुझे योग सीखने की सलाह दी और लक्ष्मीनगर स्थित उनके योग वर्ग से मेरा सफर शुरू हुआ। उनके सान्निध्य में रहकर मैंने न केवल योग, बल्कि नियोग थेरेपी की बारीकियाँ भी सीखीं।
उस समय मेरी जीवनशैली बहुत अनियमित थी। समाचार पत्र क्षेत्र में काम करने के कारण रातभर जागना मेरी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन गुप्ते के साथ रहने से मेरे जीवन में बड़ा परिवर्तन आया। योग के माध्यम से शरीर और मन को संतुलित रखने की कला मैंने सीखी।
रामदास पेठ में डॉ. गिरधर हेडा के क्लिनिक में गुप्ते के साथ बिताया गया समय मेरे लिए एक जीवंत विश्वविद्यालय जैसा था। उनके मार्गदर्शन से मेरी बीमारी धीरे-धीरे समाप्त हो गई और मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।
सेवा, समर्पण और विश्वास की परंपरा
गुप्ते के सेंटर पर रोज एक अलग ही दृश्य देखने को मिलता है—
कई लोग दर्द और चिंता के साथ, कभी-कभी आँखों में आँसू लेकर आते हैं… और मुस्कुराते हुए, हल्के मन से वापस जाते हैं।
उनकी उपचार पद्धति पर आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े व्यक्तियों तक का गहरा विश्वास है। कई नामी राजनेता, अधिकारी और प्रतिष्ठित लोग उनके पास उपचार के लिए आते हैं। इतना ही नहीं, कई प्रसिद्ध डॉक्टर भी उनकी थेरेपी पर भरोसा जताते हैं।
विशेष रूप से प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उदय बोधनकर का उल्लेख करना आवश्यक है। वे गर्व से कहते हैं—
“ये मेरे डॉक्टर हैं।”
इन शब्दों को सुनकर जो संतोष मिलता है, वह उनके कार्य की सच्ची पहचान है।
बिना दवा के प्रभावी उपचार पद्धति
गुप्ते की नियोग थेरेपी पूरी तरह बीना दवा के आधारित है।
इस पद्धति के माध्यम से वे कई बीमारियों का प्रभावी इलाज करते हैं, जैसे—
* गर्दन दर्द
* कमर दर्द
* पीठ दर्द
* टेनिस एल्बो
* एड़ी (टाच) का दर्द
* मांसपेशियों और नसों से जुड़ी समस्याएँ
मैंने स्वयं अनुभव किया है कि इस थेरेपी से अनेक लोग अपनी बीमारियों से मुक्त होते देखे हैं। यह केवल उपचार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का माध्यम है।
मानवता का स्पर्श
गुप्ते की असली पहचान उनकी मानवता है। उनके सेंटर पर कई जरूरतमंद मरीजों का निस्वार्थ भाव से इलाज किया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी वे उतनी ही आत्मीयता से सेवा प्रदान करते हैं।
मेरे व्यक्तिगत जीवन में भी मैंने उनकी संवेदनशीलता का अनुभव किया है। मेरी माता के बीमारी के समय उन्होंने घर आकर उपचार किया, लगातार हालचाल लिया—यह सेवा मैं कभी नहीं भूल सकता।
गुरु, मित्र और प्रेरणा स्रोत
गुप्ते ने मुझे केवल सिखाया नहीं, बल्कि मुझे बनाया। उन्होंने मुझ पर विश्वास किया और स्वतंत्र रूप से काम करने की प्रेरणा दी। उनके प्रोत्साहन से ही मैंने योग सिखाना शुरू किया, व्याख्यान देने लगा और समाज में अपनी पहचान बना सका।
उम्र में बड़े होने के बावजूद उन्होंने मुझे हमेशा एक मित्र की तरह अपनाया।
उनका एक वाक्य आज भी मेरे मन में गूंजता है—
“तुम कर सकते हो… बस शुरुआत करो।”
समर्पित कर्मयोगी
पिछले 40 वर्षों से उन्होंने योग और नियोग थेरेपी के माध्यम से समाज की सेवा की है। उनके समर्पण, निस्वार्थता और प्रभावी कार्य के कारण उन्हें “कर्मवीर” कहना उचित होगा। उनके इसी कार्य के लिए उन्हें जीरो माइल आरोग्य रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उन्होंने जो विशाल परिवार तैयार किया, अपने शिष्यों को जो आत्मविश्वास दिया—वही उनके जीवनकार्य की सच्ची पहचान है।
हार्दिक शुभकामनाएँ
उनके 75वें जन्मदिवस पर ईश्वर से यही प्रार्थना है—
उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सेवा करने की शक्ति प्रदान करे।
अंत में बस इतना ही—
आज मैं जो कुछ भी हूँ, वह उन्हीं की देन है…
और यह कहते हुए मुझे अपार गर्व होता है।
— डॉ. प्रवीण डबली
प्रशिक्षक | योग चिकित्सक | स्वास्थ्य प्रेरक वक्ता | नर्व स्टिम्युलेशन थेरेपिस्ट 📞 9422125656 / 7020343428