झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में भी डिजिटल क्रांति लाने का इरादा

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 – लंदन के विशेषज्ञों ने नागपुर के विकास की सराहना

नागपुर :- नागपुर जिले के सातनवरी गांव की तर्ज पर, जिसे देश का पहला डिजिटल गांव होने का गौरव प्राप्त है, अब नागपुर शहर की झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में भी डिजिटल क्रांति लाने का इरादा है. ‘वॉइस’ संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को महापौर नीता ठाकरे से मुलाकात की और शहर की बस्तियों में डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने के बारे में विस्तार से चर्चा की.

महाराष्ट्र सरकार ने सातनवारी गांव के विकास की जिम्मेदारी ‘वॉइस’ (वॉइस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंटरप्राइजेज) नामक संगठन को सौंपी थी. इस संगठन ने आईओटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सहित 18 प्रकार के डिजिटल समाधान उपलब्ध कराए हैं. इन आधुनिक बदलावों के कारण सातनवारी गांव आज विश्व प्रसिद्ध हो गया है और लंदन से विशेषज्ञों का एक प्रतिनिधिमंडल इस मॉडल को देखने के लिए नागपुर आया है. इन विशेषज्ञों ने महापौर से चर्चा की और सातनवरी की तर्ज पर शहर में भी बदलाव लाने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया.

चर्चा के दौरान महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि, झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों के नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आसानी से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में डिजिटल समाधान बेहद कारगर साबित हो सकते हैं. शहर में भी इसी तरह की अवधारणा को लागू करने की इच्छा व्यक्त करते हुए महापौर ने सुझाव दिया कि आरंभ में इस परियोजना को शहर के 1० जोनों के चयनित क्षेत्रों में ‘पायलट आधार’ पर लागू किया जाना चाहिए और एक विकास योजना तैयार की जानी चाहिए. उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने का भी सुझाव दिया.

वॉयस संगठन के प्रमुख और भारत सरकार के सेवानिवृत्त सचिव आर. के. भटनागर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने महापौर कार्यालय में महापौर से मुलाकात की. इस अवसर पर मनपा की निर्माण एवं परियोजना संबंधी विशेष समिति की सभापति अश्विनी जिचकार भी उपस्थित थीं. इनके अलावा, यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन के प्रोफेसर स्टीफन हेल्स और प्रोफेसर हेलेन हेल्स , यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के प्रोफेसर जेरार्ड पार और डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक के. डी. नायक भी उपस्थित थे. प्रो. जेरार्ड पार ने नागपुर में हो रहे विकास और प्रशासनिक दृष्टिकोण की विशेष रूप से सराहना की.

इससे पहले, भटनागर ने सातनवरी गांव में हुए बदलावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. अगर इसी तकनीक को शहर की झुग्गी-झोपडय़िों में लागू किया जाए, तो वहां के स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है. महापौर ने भी सातनवरी गांव के इस प्रतिनिधिमंडल के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.