नासिक :- नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में सामने आए यौन शोषण और धर्मांतरण के सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की मुख्य संदिग्ध और ‘मास्टरमाइंड’ मानी जा रही एचआर (HR) निदा खान फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, लेकिन जांच में उसके बारे में जो खुलासे हो रहे हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक की कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दायर की है, उसमें निदा के प्रेग्नेंट होने का दावा भी किया है। इस बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है।
दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी से निदा खान का कनेक्शन
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि निदा खान के संपर्क दिल्ली में हुए भीषण बम विस्फोट की आरोपी डॉ. शाहीन के साथ हो सकते हैं। एक कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करने वाली महिला के तार सीधे आतंकी गतिविधियों के आरोपियों से जुड़ने के कारण अब यह मामला केवल कंपनी के आंतरिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। जांच एजेंसियां इसे देश विरोधी साजिश के नजरिए से देख रही हैं।
ऑफिस में ‘दबंग मैम’ का खौफ
निदा खान कॉर्पोरेट जगत के सामान्य शिष्टाचार के बिल्कुल उलट व्यवहार करती थी। सहकर्मियों के बीच उसकी पहचान ‘दबंग मैम’ के रूप में थी। आरोप है कि वह दफ्तर में आतंक का माहौल बनाकर रखती थी ताकि कोई उसके खिलाफ आवाज न उठा सके। इसी डर का फायदा उठाकर वह कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाती थी।
ब्रेन वॉश और धर्मांतरण का एजेंडा
पीड़ित महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि निदा खान का असली काम एचआर मैनेजमेंट नहीं, बल्कि एक विशेष विचारधारा के लिए ‘ब्रेन वॉशिंग’ करना था। वह दफ्तर में ही महिलाओं को इस्लाम अपनाने के लिए उकसाती थी। हद तो तब हो गई जब उसने ऑफिस परिसर के भीतर ही महिलाओं को बुर्का पहनने और इस्लामी परंपराओं का पालन करने का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया।
संदिग्ध फंडिंग की भी हाे रही जांच
जांच एजेंसियां अब TCS Nashik Case के आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही हैं। संदेह है कि इस धर्मांतरण सिंडिकेट को चलाने के लिए बाहर से भारी फंडिंग मिल रही थी। निदा खान इस पूरे रैकेट की ‘मास्टरमाइंड’ बताई जा रही है, जो टीम लीडर्स के साथ मिलकर महिला कर्मियों के शोषण का नेटवर्क चला रही थी।
नासिक टीसीएस बीपीओ सेंटर में रोका गया कामकाज
सुरक्षा कारणों और राजनीतिक विरोध को देखते हुए नासिक के टीसीएस बीपीओ सेंटर में कामकाज रोक दिया गया है। सभी कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के निर्देश दिए गए हैं।