गोंदिया :- मानसून के दौरान वातावरण में वायरस और बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नागरिकों को बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यह अपील जिला स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान कुछ बीमारियों पर शरीर आसानी से नियंत्रण पा लेता है, लेकिन कई संक्रमणों के सामने रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण बीमारियां तेजी से फैलती हैं। घरों में नलों से प्राप्त होने वाले पानी को छोड़कर अन्य स्रोतों से मिलने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। ऐसी स्थिति में उपयोग में लाए जाने वाले पानी का उचित शुद्धिकरण करना आवश्यक है। डायरिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और कॉलरा जैसी जलजनित बीमारियां इस मौसम में अधिक देखने को मिलती हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चे इन बीमारियों से अधिक प्रभावित होते हैं। वहीं, बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर जमा होने वाला पानी मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों के प्रसार का कारण बन सकता है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचाव के लिए घर और आसपास जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें तथा स्वच्छता बनाए रखें। स्वास्थ्य प्रशासन ने नागरिकों से सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की है, ताकि पानी जमा होने वाले सभी पात्रों और स्थानों को खाली एवं साफ किया जा सके। मच्छरों से बचाव के लिए ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तरह ढंक सकें तथा आवश्यकतानुसार मच्छररोधी उपाय अपनाएं। जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया है।







