– काला दिवस मनाते हुए दिया धरना
नागपुर :- आशा वर्कर एवं गटप्रवर्तक कर्मचारी यूनियन (सीटू) नागपुर जिला की ओर से शुक्रवार को देशव्यापी ‘काला दिवस’ मनाते हुए संविधान चौक पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों आशा वर्कर और गटप्रवर्तकों ने काले वस्त्र धारण कर तथा हाथों में काले झंडे लेकर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र साठे ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जे.पी नड्डा ने मार्च 2025 में संसद में आशा वर्करों के मानदेय में 1,500 रुपये की वृद्धि करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसका अमल नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की कि मार्च 2025 से ही गटप्रवर्तकों के मानदेय में भी 2,000 रुपये की वृद्धि लागू की जाए। अन्य विभागों में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा रहा है लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा वर्कर और गटप्रवर्तकों की उपेक्षा की जा रही है। उन्हें भी शासकीय कर्मचारी का दर्जा देकर सम्मानित किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधि मंडल ने निवासी जिलाधिकारी अनूप खांडे को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन में प्रीति मेश्राम, लक्ष्मी कोत्तेजवार, रंजना पौनीकर, माया कावले, उषा मेश्राम और सुनंदा बसेशंकर समेत बड़ी संख्या में आशा वर्कर और गटप्रवर्तक उपस्थित थीं।




