सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने को तैयार

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–  सरकार के सामने रखीं 3 शर्तें

– जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज 

नई दिल्ली :- जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन समाप्त करने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार के सामने तीन अहम शर्तें रखी हैं। अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसी दौरान सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अनशन समाप्त करने की सहमति जताई, लेकिन इसके लिए तीन शर्तें रखीं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे, उन्हें और अभिजीत दीपके को इस मुद्दे पर संसद में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। यदि स्वास्थ्य कारणों से वे संसद नहीं जा सकें, तो केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें लिखित आश्वासन दें।

प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज

उधर, वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है। सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं। कई लोगों के सिर भी फूटे हैं। 30 से 35 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट थाने तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने बीच-बीच में बैरिकेडिंग कर रखी है।

बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवान तैनात हैं। पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए परमिशन नहीं दी है। उधर, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि हमें कोई नहीं रोक सकता है। संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।