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पुलिस प्रताड़ना के आरोप के बीच युवक की आत्महत्या मामले की जांच तेज

– दो पुलिसकर्मी को मुख्यालय भेजा

नागपुर :- जलालखेड़ा थाना क्षेत्र के खापा घुडण गांव निवासी भगवान किसान मनमोडे (35) की आत्महत्या के मामले में नागपुर ग्रामीण पुलिस ने जांच तेज कर दी है। ग्रामीणों द्वारा पुलिस प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच पूरी होने तक मुख्य आरक्षक पुरुषोत्तम काकड़े और पुलिस चालक रवींद्र मोहोड को पुलिस मुख्यालय से संलग्न कर दिया गया है।

जानकारी अनुसार भगवान मनमोडे 10 जुलाई से लापता थे। 12 जुलाई को गांव के एक कुएं से उनका शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। संयोगवश जिस कुएं के निर्माण के लिए कथित रूप से अवैध रेत परिवहन किए जाने का आरोप उन पर लगा था, उसी कुएं में उनका शव मिला। यह मामला 21 मई को दर्ज अवैध रेत परिवहन प्रकरण से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार उस दिन भगवान मनमोडे को बिना अनुमति ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। आरोप है कि यह रेत कुएं के निर्माण कार्य के लिए ले जायी जा रही थी। इस मामले में उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2023 में भी उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत एक मामला दर्ज था। भगवान की मृत्यु के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी, जिसके दबाव में आकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के ने प्रारंभिक जांच कराई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 21 मई के अवैध रेत परिवहन मामले में ही भगवान को रोका गया था तथा जांच अधिकारी द्वारा उन्हें केवल एक बार फिंगरप्रिंट लेने के लिए बुलाया गया था। अब तक की जांच में पुलिस द्वारा मारपीट या शारीरिक प्रताड़ना के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि ग्रामीणों के सभी आरोपों की सावनेर विभाग के उपविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त किया गया ट्रैक्टर भगवान मनमोडे का था, जबकि ट्रॉली उनके एक रिश्तेदार की थी। ट्रॉली अब तक न्यायालय से रिलीज नहीं होने के कारण क्या रिश्तेदारों की ओर से उन पर किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था, इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि पारिवारिक और कानूनी दबाव के कारण उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई हो। मामले की आगे की जांच जारी है।

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