– विविधता देश की ताकत, युवा दुनियाभर की भाषाएं सीखें, लेकिन अपनी मातृभाषा न छोड़ें
मुंबई :- गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस पर अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि हिंदी का दूसरी भारतीय भाषाओं से कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है और हर भाषा अपने साथ इतिहास, लोक परंपराएं और संस्कृति लेकर चलती है।
शाह ने युवाओं से दुनिया की ज्यादा से ज्यादा भाषाएं सीखने, लेकिन अपनी मातृभाषा न छोड़ने की अपील की। उन्होंने माता-पिता से भी बच्चों से मातृभाषा में बात करने को कहा। शाह के मुताबिक, अपनी भाषा बोलने को लेकर हीन भावना नहीं होनी चाहिए, क्योंकि भाषा ही लोगों को उनकी मां, मिट्टी, इतिहास और संस्कृति से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारतीय भाषाओं ने राष्ट्र निर्माण और विकास को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शाह ने हिंदी को आगे बढ़ाने में स्वामी दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का भी जिक्र किया।
आजादी के बाद भारतीय भाषाओं की भूमिका
शाह ने कहा- आजादी के बाद भारतीय भाषाएं राष्ट्र निर्माण, प्रशासन और विकास को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनीं। हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाओं ने जनजागरण, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के आदर्शों को आगे बढ़ाया।
हिंदी से सीधे जुड़ते हैं आम लोग
गृह मंत्री ने कहा- मेरी मातृभाषा गुजराती है। लेकिन जब मैं देश के किसी भी कोने में जाता हूं, तो वहां के आम लोगों से सीधे जुड़ने वाली भाषा हिंदी होती है।
14 सितंबर को मनाया जाता है हिंदी दिवस
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में अपनाया था।





