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इस्कॉन जन्माष्टमी की तैयारियों की बैठक सम्पन्न श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज की प्रेरणा से आयोजन

नागपूर १३ : अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन के संस्थापकाचार्य ए सी भक्ति वेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के प्रिय शिष्य श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज की प्रेरणा से इस्कॉन के नागपुर केंद्र श्री श्री राधा गोपीनाथ मंदिर गेट नंबर 2 एम्प्रेस मॉल के पीछे गांधी सागर के पास नागपुर में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन दिनांक 16 अगस्त 2025 को किया जा रहा है। इसकी तैयारियों की एक बैठक मंदिर प्रांगण में की गई जिसकी अध्यक्षता अन्नामृत फाउंडेशन नागपुर के चेयरमैन एवं इस्कॉन नागपुर के पब्लिक रिलेशन एंड कम्युनिकेशन विभाग प्रमुख डॉ श्यामसुंदर शर्मा ने की। प्रमुख अतिथि थे एम्स्टर्डम नीदरलैंड के कनिश वडेरा अपनी पुत्री पवित्रा वडेरा के साथ। मंच पर जो अन्य लोग विराजमान थे उनमें फेस्टिवल कमिटी प्रमुख विशाल दास एवं वेणुगोपाल दास, अकाउंट्स विभाग के धर्म पुत्र युधिष्ठिर दास, सोशल मीडिया विभाग के सचितनय गौर प्रभु उपस्थित थे। केमंच संचालन वेणु गोपाल प्रभु ने किया। सभी वक्ताओं ने जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जन्माष्टमी मंदिर के आस पास की खुली जगह पर पंडाल डाल कर मनाई जायेगी। इस वाटर प्रुफ पंडाल को बनाने का कार्य तीव्र गति से शुरू है।
15 अगस्त को भगवान के विशेष श्रृंगार के दर्शन सुबह 4.30 बजे से मध्य रात्रि 12.00 बजे तक रहेंगे।
जन्माष्टमी के दिन 16 अगस्त को कार्यक्रम सुबह 4.30 बजे मंगला आरती से प्रारंभ होगा। 5.00 बजे नृसिंह आरती, 5.15 बजे तुलसी आरती होगी उसके बाद 7.15 बजे तक सभी भक्तों का हरे कृष्ण महा मंत्र,  “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।” का सामुहिक जप होगा। 7.30 बजे श्रृंगार आरती, गुरु पूजा एवं भागवतम पर प्रवचन होगा।
11 बजे से दिन भर विभिन्न यजमानों द्वारा भगवान का अभिषेक किया जायेगा।
इस्कॉन नागपुर के प्रवक्ता डॉ श्यामसुंदर शर्मा ने बताया कि शाम 5 बजे पंडाल प्रोग्राम का शुभारम्भ भक्तों द्वारा हरे कृष्ण महा मंत्र के कीर्तन द्वारा किया जायेगा। उसके बाद विशेष अतिथियों का स्वागत करने के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जायेगे जिसमें प्रमुख है राधामाधव भरतनाट्यम, राधा गोरी गोरी नृत्य, यशोमती नंदन नृत्य, दशावतार नाटक नृत्य,
राधा रमण हरि गोविंद नृत्य, कृष्ण – भारत की महिमानृत्य (थीमैटिक), जन्म बधाई उत्सव, गंग्स ऑफ वृंदावन, द सेकंड चांस, कृष्णलीलानृत्य इत्यादि।  इसके साथ ही विभिन्न अतिथियों एवं यजमानों द्वारा भगवान का अभिषेक प्रारंभ किया जाएगा। । अंत में मध्य रात्रि 12.00 बजे भगवान की महा आरती एवं 56 भोग अर्पित किए जायेंगे।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सचिदानंद प्रभु, हरि कीर्तन प्रभु, व्रजेन्द्र तनय प्रभु, प्राणनाथ प्रभु, आराध्य भगवान प्रभु, विशाल प्रभु, श्रीपंढरीनाथ प्रभु, परमकरुणा प्रभु, साधना भक्ति माताजी, वेणुगोपाल प्रभु, संजय गुप्ता प्रभु, किशन दवे प्रभु, धीरज अग्रवाल प्रभु, आशीष खंडेलवाल प्रभु, गौर प्रसाद प्रभु, शांतनु प्रभु इत्यादि सहयोग कर रहे है।

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