– पुणे में हुआ खुलासा
पुणे :- केरल में मंकीपॉक्स के एक नये और ज्यादा खतरनाक वेरिएंट का पता चला है. इस पर हुई एक नई जेनेटिक स्टडी में पता चला है कि यह वेरिएंट अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ा है और इंसानों से इंसानों में फैल रहा है. यह स्टडी पुणे के आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और देश भर की वायरल रिसर्च और डायग्नोस्टिक लेबोरेटरीज की टीमों ने मिलकर की है. यह स्टडी मंकीपॉक्स के क्लेड आईबी वेरिएंट पर केंद्रित थी. यह वेरिएंट अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पहले से ही फैल रहा था और अब कई देशों में भी पाया गया है. स्टडी में पाया गया कि यह वेरिएंट पुराने वेरिएंट्स की तुलना में तेजी से और ज्यादा बड़े पैमाने पर फैल सकता है. इस वजह से इस वेरिएंट पर ज्यादा नजर रखने की जरूरत है, शोधकर्ताओं ने मंकीपॉक्स क्लेड आईबी के 10 लैब पुष्टि मामलों का अध्ययन किया. एक शोधकर्ता ने बताया कि स्टडी ने इस बात की पुष्टि की है कि मंकीपॉक्स वायरस वाकई में बदल रहा है. हमें एक खास तरह का म्यूटेशन पैटर्न मिला है, जो इंसानों से इंसानों में लगातार फैलने का संकेत देता है. वैज्ञानिकों ने पाया कि क्लेड आईबी में यह म्यूटेशन पैटर्न पुराने वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा मजबूत था. इससे पता चलता है कि वायरस फैलते हुए खुद को ढाल रहा है.