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चंद्रपुर कांग्रेस में फिर सुलगी गुटबाजी की आग

– धानोरकर के स्नेहभोज से वडेट्टीवार गुट की दूरी, स्थायी समिति चुनाव पर सस्पेंस 

चंद्रपुर :- शहर की राजनीति में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। सांसद प्रतिभा धानोरकर द्वारा आयोजित स्नेहभोज कार्यक्रम से विजय वडेट्टीवार गुट के नगरसेवकों की दूरी ने पार्टी की एकजुटता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सत्ता से दूर रह गई थी। राजनीतिक हलकों में इसकी मुख्य वजह धानोरकर और वडेट्टीवार खेमे के बीच चली आ रही गुटबाजी को माना जा रहा है। चुनाव के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थक नगरसेवकों को साधने में जुटे हैं।

इसी कड़ी में सांसद प्रतिभा धानोरकर ने शहर से सटे लोहारा क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में नगरसेवकों के लिए स्नेहमिलन कार्यक्रम रखा। कार्यक्रम में धानोरकर समर्थक नगरसेवकों की मौजूदगी तो दिखी, लेकिन वडेट्टीवार गुट के अधिकांश पार्षद नदारद रहे। केवल वसंत देशमुख और सुनील खंडेलवाल की उपस्थिति ने औपचारिकता निभाई। बाकी की अनुपस्थिति ने साफ संकेत दे दिया कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है।

अब नजरें आगामी स्थायी समिति चुनाव पर टिक गई हैं। संख्याबल के समीकरण बेहद दिलचस्प हैं—भाजपा-शिवसेना गठबंधन के पास आठ सदस्य हैं तो कांग्रेस और सहयोगी दलों के पास भी आठ ही। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अध्यक्ष पद का फैसला ‘ईश्वर चिट्ठी’ यानी लॉटरी जैसी स्थिति में जा सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस की आंतरिक कलह थमी नहीं, तो स्थायी समिति में भी पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। फिलहाल दोनों खेमे अपने-अपने पार्षदों को साथ बनाए रखने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन स्नेहभोज से दूरी ने यह साफ कर दिया है कि चंद्रपुर कांग्रेस में सियासी दरार गहरी हो चुकी है।

अब देखना यह है कि स्थायी समिति चुनाव से पहले कांग्रेस में सुलह होती है या फिर गुटबाजी पार्टी की राह और मुश्किल बनाती है।


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