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देशभर में आज ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की हड़ताल

– घटती कमाई और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन ; ओला, उबर और रैपिडो सर्विस प्रभावित होंगी

नई दिल्ली :-  देश भर में शनिवार को ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (गिग वर्कर्स) की हड़ताल है। तेलंगाना गिग एंडप्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स से जुड़े ड्राइवरों और वर्कर्स ने इस हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल ड्राइवरों की घटती कमाई, बढ़ते शोषण और सरकार की ओर से न्यूनतम बेस फेयर तय न किए जाने के विरोध में की जा रही है। इसमें ओला, उबर, रैपिडो, पोर्टर समेत अन्य ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट सेवाओं से जुड़े ड्राइवर शामिल होंगे। यूनियनों के मुताबिक, इस दौरान कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

यूनियनों के मुताबिक, मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस-2025 मौजूद होने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारों ने अब तक न्यूनतम बेस फेयर को नोटिफाई नहीं किया है। इसका फायदा उठाकर एग्रीगेटर कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय कर रही हैं। यूनियनों का आरोप है कि कंपनियां किराया कम करती जा रही हैं, जबकि सारा ऑपरेशनल जोखिम ड्राइवरों पर डाल दिया गया है। इससे काम के घंटे बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी कमाई लगातार घट रही है। फाउंडर और नेशनल जनरल सेक्रेटरी शेख सल्लाउद्दीन ने कहा कि गाइडलाइंस-2025 में किराया तय करने से पहले मान्यता प्राप्त यूनियनों से परामर्श अनिवार्य है, लेकिन सरकारों की निष्क्रियता के चलते प्लेटफॉर्म कंपनियां शोषण बढ़ा रही हैं। इससे पहले IFAT से जुड़े डिलीवरी वर्कर्स ने 31 दिसंबर 2025 को भी देशव्यापी हड़ताल की थी। उस समय 10 मिनट में डिलीवरी, कम वेतन, खराब कामकाजी हालात और सामाजिक सुरक्षा के अभाव को लेकर विरोध किया गया था।

इसमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, जेप्टो जैसी कंपनियों के राइडर्स शामिल थे। हड़ताल के बाद इन प्लेटफॉर्म्स ने ब्रांडिंग से ‘10-मिनट डिलीवरी’ का दावा हटा दिया। अब एप पर केवल ‘मिनटों में डिलीवरी’ जैसे शब्दों का उपयोग कर रहे हैं। एक आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद ने ANI से बातचीत में कहा कि स्विगी-जोमैटो डिलीवरी बॉय, ब्लिंकिट-जेप्टो राइडर और ओला-उबर ड्राइवरों की मेहनत से ही बड़ी कंपनियां कमाई कर रही हैं, लेकिन इस पूरे इकोसिस्टम में सबसे ज्यादा दबाव और शोषण गिग वर्कर्स पर है।

35 लाख ड्राइवर ओला-उबर से जुड़े हैं

ओला-उबर प्लेटफॉर्म पर देशभर में करीब 35 लाख ड्राइवर रजिस्टर हैं। इस हड़ताल से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भोपाल में करीब 15 हजार गाड़ियां ओला-उबर से जुड़ी हैं, जबकि रैपिडो से लगभग 3 हजार बाइक पंजीकृत हैं। तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर न्यूनतम किराया तय करने की मांग की है।

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