– iPhone और Mac की मांग ऑल-टाइम हाई; CEO जॉन टर्नस के बयान के बावजूद शेयर 4% गिरा
नई दिल्ली :- ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में मंदी और सप्लाई की चुनौतियों के बावजूद एपल ने सिंतबर तिमाही में भारत में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया है। कंपनी के CEO जॉन टर्नस ने अर्निंग्स कॉल में इसकी जानकारी दी। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि रेवेन्यू कितना रहा है। लेकिन ग्लोबल रेवेन्यू बढ़कर 114.5 अरब डॉलर यानी करीब 10.80 लाख करोड़ रुपए हो गया। ये पिछले साल की इसी तिमाही के 102.5 अरब डॉलर के मुकाबले लगभग 12% ज्यादा है।
वहीं, पूरे साल में एपल ने रिकॉर्ड 479 अरब डॉलर यानी करीब ₹45 लाख करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल 416 अरब डॉलर था।
आईफोन अपग्रेड की वजह से भारत में रिकॉर्ड रेवेन्यू
भारत में इस ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण आईफोन का प्रदर्शन रहा। खास तौर पर उन यूजर्स की संख्या बहुत ज्यादा रही जिन्होंने अपने पुराने आईफोन को नए मॉडल से अपग्रेड किया। इसके अलावा मैक कंप्यूटर्स और सर्विसेज बिजनेस ने भी भारत में ग्रोथ को मजबूती दी। टर्नस ने भारत को कंपनी के ग्लोबल बिजनेस के लिए एक अहम ग्रोथ इंजन बताया है।
भारतीय मार्केट में ग्रोथ के पीछे 4 मुख्य फैक्टर्स
नो-कॉस्ट EMI और आसान लोन से महंगी डिवाइसेस बजट में आ रही हैं।
पुराने फोनों पर अच्छी वैल्यू मिलना।
‘मेड इन इंडिया’ से सप्लाई और उपलब्धता में तेजी आना।
टियर-2 और टियर-3 शहरों तक स्टोर्स और रीसेलर्स की पहुंच बढ़ना।
भारत में लॉन्च हुआ एपल पे
CEO जॉन टर्नस ने अर्निंग्स कॉल के दौरान ये भी बताया कि कंपनी ने एक्सिस बैंक के साथ मिलकर भारत में एपल पे को लॉन्च कर दिया है। इसके जरिए भारतीय आईफोन यूजर्स अब ज्यादा सुरक्षित और सीमलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट्स कर सकेंगे।
दुनिया भर में 2.5 अरब एपल डिवाइसेस एक्टिव
दुनियाभर में एपल का एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस 2.5 अरल से ज्यादा डिवाइसेस के रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान आईपैड और एप्पल वॉच खरीदने वाले 50% से ज्यादा ग्राहक ऐसे रहे जिन्होंने पहली बार ये प्रोडक्ट्स खरीदे हैं।








