देहरादून :- उत्तराखंड के टिहरी जिले में श्रद्धालुओं से भरी बस के 100 मीटर गहरी खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और 13 घायल हो गए। मृतकों में चार महिलाएं हैं। घायलों को नरेंद्रनगर संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इनमें से गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया। श्रद्धालु कुंजापुरी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। दुर्घटना का कारण बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। घायल यात्रियों ने बताया कि ऋषिकेश में मुनि की रेती में स्थित दयानंद आश्रम में वेदांतों पर चल रही कार्यशाला में शामिल होने आए कुछ श्रद्धालु सोमवार सुबह दो बसों से सिद्धपीठ कुंजापुरी के दर्शन करने गए थे।
आश्रम में ठहरे 40 श्रद्धालुओं का एक दल सोमवार को स्थानीय ट्रेवल एजेंसी से दो बस बुक कराकर कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुआ। बसों को मंदिर की पार्किंग से करीब सौ मीटर पहले ही सड़क किनारे खड़ा कर वह मंदिर पहुंचे। लौटते समय जैसे ही चालक ने बस स्टार्ट की, वह अनियंत्रित होकर लहराने लगी और सीधे सड़क से नीचे करीब सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। उस वक्त बस में चालक समेत 18 लोग सवार थे, जबकि कुछ सड़क पर खड़े थे।
घटना की सूचना मिलते ही ढालवाला से एसडीआरएफ की पांच टीम, नरेंद्रनगर से फायर सर्विस व उपजिला अस्पताल नरेंद्रनगर से चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचीं और मृतकों के शव और घायलों को निकालने में जुट गईं। मृतकों में अनीता चौहान पत्नी के.चौहान, निवासी 222-द्वारका (दिल्ली), पार्थसारथी मधुसूदन जोशी (70), निवासी बाजवाड़ा, वडोदरा (गुजरात), नमिता प्रबोध काले (58), निवासी रामनगर कैम्पस यूनिवर्सिटी नागपुर (महाराष्ट्र), अनुजा वेंकटरमन (48) पुत्री वेंकट, निवासी शांति निकेतन, बेंगलुरु (कर्नाटक), आशु त्यागी पत्नी प्रदीप कुमार निवासी रणखंडी रोड, धनौला, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। जबकि, 13 घायलों को 108 की मदद से नरेंद्रनगर उपजिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद छह गंभीर घायलों को एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया है।




