– प्रचार वाहनों की अनुमति में हो रही देरी
नागपुर :- 3 जनवरी से नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए प्रचार का आगाज हो चुका है लेकिन 3 दिन बीतने के बावजूद कई प्रत्याशियों को अब तक प्रचार वाहनों की अनुमति नहीं मिल पाई है. अनुमति प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि प्रचार का समय हाथों से निकलता जा रहा है. धरमपेठ जोन-2 कार्यालय अंतर्गत प्रचार वाहनों की अनुमति के लिए आरटीओ कार्यालय में भारी भीड़ उमड़ रही है. प्रत्याशियों का आरोप है कि वहां केवल एक ही अधिकारी बैठाया गया है जिस कारण अत्यधिक कार्यभार के चलते अनुमति से जुड़े काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं. परिणामस्वरूप उम्मीदवारों को घंटों तक कार्यालय में भटकना पड़ रहा है. प्रत्याशियों ने आरटीओ प्रशासन से मांग की है कि चुनाव अवधि को ध्यान में रखते हुए अनुमति प्रक्रिया को तेज किया जाए और अधिक अधिकारियों की नियुक्ति कर अव्यवस्था को दूर किया जाए, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान रूप से प्रचार का अवसर मिल सके.
पूरा दिन बैठना पड़ रहा कार्यालय में
इस संबंध में प्रत्याशी सुषमा प्रीतम खंडाते ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम स्वयं प्रत्याशी होते हुए भी पूरा दिन आरटीओ कार्यालय में बैठने को मजबूर हैं. जब इतनी भीड़ है तो प्रशासन को अतिरिक्त अधिकारी नियुक्त करने चाहिए. अनुमति में देरी से हमारे प्रचार पर सीधा असर पड़ रहा है.
ई-रिक्शा के लिए विशेष लाइसेंस की शर्त
चुनाव प्रचार में उपयोग किए जाने वाले ई-रिक्शा वाहनों के लिए आरटीओ कार्यालय द्वारा विशेष लाइसेंस की शर्त लागू की गई है. आरटीओ के अनुसार, ई-रिक्शा चालकों को उनके वर्तमान /सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर चुनाव प्रचार हेतु घूमने की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रचार कार्य में ई-रिक्शा का उपयोग करने के लिए चालकों को अलग से निर्धारित विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. इस नियम की जानकारी के अभाव में कई प्रत्याशियों और ई-रिक्शा चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.




