– लाड़ली बहन योजना को बड़ा झटका, करोड़ों में से सिर्फ 1.80 करोड़ ने कराई ई-केवाईसी
– 31 दिसंबर की डेडलाइन भारी पड़ी, लाखों ‘लाड़ली बहनों’ की किस्त पर ब्रेक
मुंबई :- लाड़ली बहन योजना में लाभार्थी बहनों के लिए 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी करना अनिवार्य किया गया था। लेकिन ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न कराने के कारण 67 लाख महिलाएं इस योजना से अपात्र हो गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य की 2 करोड़ 47 लाख महिलाओं में से 1 करोड़ 80 लाख महिलाओं ने 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी पूरी कर ली है। इस बीच नवंबर और दिसंबर की किस्त पात्र महिलाओं को मिलनी बाकी थीं। अधिकारियों के अनुसार नवंबर की किस्त दिसंबर के अंत में महिलाओं के बैंक खातों में जमा कर दी गई है। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जून 2024 में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले लाडली योजना की घोषणा की थी। इसके बाद महिलाओं ने आवेदन करना शुरू किया और 2 करोड़ 62 लाख महिलाओं ने योजना के तहत लाभ के लिए आवेदन किया था। लाभार्थी महिलाओं की जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ महिलाओं के पास चार पहिया वाहन हैं या वे सरकारी सेवा में रहते हुए योजना का लाभ ले रही थीं, इसलिए 10 लाख महिलाएं उसी समय अपात्र हो गईं।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहन योजना में ई-केवाईसी अनिवार्य न कराने के कारण 67 लाख महिलाएं अपात्र हो गई हैं। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के लिए 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी पूरी करना जरूरी था, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं तय समय सीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य में योजना के तहत पंजीकृत 2 करोड़ 47 लाख महिलाओं में से 1 करोड़ 80 लाख महिलाओं ने ही समय पर ई-केवाईसी कराई। शेष महिलाओं की ई-केवाईसी लंबित रहने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस बीच, योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को नवंबर और दिसंबर माह की किस्त अब तक प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसे लेकर लाभार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग की ओर से बताया गया है कि केवल ई-केवाईसी पूर्ण करने वाली महिलाओं को ही आगे योजना का लाभ दिया जाएगा।




