– घंटों चले विवाद पर क्लब संचालक रहे खामोश, अब कार्रवाई की उठी मांग
– डाबो पर सख्ती, सीपी क्लब पर नरमी?
नागपुर :- छेडखानी का विरोध करने पर युवक की डाबो क्लब में हत्या करनेवाले आरोपियों के शराब के साथ नरो के इग्स का भी सेवन किए जाने का संदेह है. सोनेगांव पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है. 26 दिसंबर की तड़के सोनेगांव के डाबो क्लब में छेड़खानी का विरोध किए जाने से हुए विवाद में 27 वर्षीय प्रणव रणनवरे की हत्या कर दी गई थी. प्रणय का साथी गौरव कारडा जख्मी हो गया था. इस वारदात के बाद पुलिस ने उसके हमेशा पुलिस सिरदर्द साबित होनेवाले डाबो को 45 दिनों के लिए बंद कर दिया लिए है. इस वारदात में सोनेगांव पुलिस ने सूत्रधार नेता पुत्र सौम्या देशमुख धर्मेद्र देशमुख (24) अन्ना बाबा नगर, गोधनी, मेहुल उर्फ मोनू गोपाल राहाटे (27), लोहा ओली, इतवारी, श्रीषी उर्फ गप्पू राजेश शर्मा (23) राजीव अनिल चावला (23), अभय रमेश झामतानी (22) तथा तुषार उर्फ हनी अनिल नानकानी (25) कामठी को को गिरफ्तार किया. इस प्रकरण में डाबो क्लब संचालकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किए जाने की मांग की जा रही है. उन पर नियमों का उल्लंघन कर नाबालिगों को भी प्रवेश दिए जाने का आरोप है. आरोपियों का मृतक और उसके साथियों से रात 12.45 बजे से डाबो में विवाद चल रहा था. ठाई से तीन घंटे तक डाबों के भीतर विवाद और गालीगलौज होने के बावजूद संचालकों ने कोई कदम नहीं उठाया. सोनेगांव पुलिस की पूछताछ में सौम्या नशे में होने से वारदात को अंजाम देने का बता रहा है.
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने डाबों में रातभर शराब के साथ इग्स का भी सेवन किया. इस वजह से उनके सिर पर स्पून सवार था. डाबो के बाहर आते ही दोनों गुट में मारपीट हो गई. सौम्या ने अपनी कार से धारदार हथियार निकालकर पहले प्रणय पर वार किए. इसके बाद उसकी नजर प्रणय के साथी गौरव पर गई. उस पर भी धारदार हथियार से हमला कर दिया, डाबों में इग्स का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत प्रकरण से जुड़े दोनों पक्ष रातभर डाबो में बैठकर नशा कर रहे थे, वारदात होने के बाद तक पालकों को संतान की करतूत का पता नहीं चल पाया था. इससे बच्चों को लेकर पालकों की जिम्मेदारी का पता चलता है. वारदात के बाद सोनेगांव पुलिस द्वारा संपर्क करने पर सच्चाई से वाकिफ हुए. पुलिस ने 45 दिनों के लिए डाबो को बंद करके जिलाधीश को भी कार्रवाई की सूचना दी है. नागरिक जिलाधीश से भी बार का लाइसेंस भी रह गया.
इसी तरह 24 दिसंबर की रात 1.30 बजे सिविल लाइंस स्थित सीपी क्लब की क्रिसमस पार्टी में भाजपा विधायक के नाम से गालियां दिए आने पर हुए काला के बाद अक्षय मुगलेवार ने व्यापारी सर्वोत्तम कोठारी को हमला करके जख्मी कर दिया था. सीपी क्लब में पहले भी हमले की घटनाएं हुई थीं. इसके बावजूद सदर पुलिस ने सीपी क्लब को लेकर अब तक कोई सख्ती नहीं दिखाई है.
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
इससे पुलिस पर सवाल हो रहे हैं. डाबो को 45 दिनों के लिए बंद करनेवाली पुलिस सौपी क्लब के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है इस पर सभी की निगाहें लगी है. समय-समय पर पुलिस को मिलती रही है. इसके आधार पर पुलिस ने कई मर्तबा वहां दबिश भी दी है. पुलिस के आने के पहले ही सतर्क कर दिया जाता था. इसके चलते पुलिस को इग्स नहीं निलती है. चर्चा है कि क्रिस्मस पार्टी में इग्स पैडलर भी शामिल थे. उन्होंने आरोपी सहित कई लोगों को इग्स उपलब्ध कराई ड्रग्स के सेवन का पता करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे है. इग्स सेवन करने के 24 घंटे के भीतर खून के नमूने लिए जाने पर ही सच्चाई पता चलती है.




