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गेहूं-चना फसलों को नुकसान, किसान फिर संकट में

– काटोल तहसील में बेमौसम बारिश

नागपुर :- काटोल तहसील के कई गांवों में गुरुवार शाम करीब 6 बजे बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बेमौसम बारिश हुई. इस बारिश से जहां मौसम में ठंडक बढ़ी वहीं खड़ी और कटाई के बाद रखी गेहूं व चना फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. तेज हवा और आंधी के कारण सावनेर और रामटेक के कुछ हिस्सों में गेहूं की फसल प्रभावित होने की जानकारी है. जिन किसानों की गेहूं और चना फसल की गंजी (ढेर) खुले में रखी थी वह बारिश के कारण भीग गई है जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है. कुछ किसानों ने फसल की कटाई कर ली थी, जबकि कुछ खेतों में अभी भी फसल खड़ी है, ऐसे में नुकसान की संभावना और बढ़ गई है. बेमौसम बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर खड़ी फसल झुक गई है जिससे उत्पादन लागत बढ़ने की चिंता भी देखी जा रही है. फिलहाल फसलों को कितना नुकसान हुआ है और किन-किन क्षेत्रों में ज्यादा प्रभाव पड़ा है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.इस बारिश से जहां एक ओर तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी गेहूं व चना की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, तेज हवा के कारण सावनेर और रामटेक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में गेहूं की फसल झुक गई, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं, जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही रखी थी, उन्हें भी भीगने के कारण नुकसान होने का डर सता रहा है।

किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई का दौर चल रहा है, ऐसे में इस तरह की बेमौसम बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर सकती है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कटोल तहसील समेत आसपास के इलाकों में तेज हवा और बारिश ने खेतों में खड़ी और कट चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे किसान गहरे संकट में आ गए हैं।

कटोल तहसील के कई गांवों में गुरुवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा, आंधी व बिजली कड़कने के साथ बेमौसम बारिश हुई। इस बारिश से जहां मौसम में ठंडक आई, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर टूटी। खेतों में खड़ी गेहूं और चना की फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि कई किसानों द्वारा काटकर खुले में रखी गई उपज भी भीग गई, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

जानकारी के मुताबिक सावनेर तहसील में करीब 36.63 हेक्टेयर और रामटेक तहसील में लगभग 4.54 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों की लागत बढ़ने और उत्पादन घटने की चिंता और गहरा गई है।

कई किसानों ने फसल की कटाई कर ली थी, लेकिन खुले में रखी फसल बारिश में भीगने से नुकसान और बढ़ गया है। वहीं कुछ खेतों में अभी भी फसल खड़ी है, जिससे आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी ।

2 तहसीलों में 41.17 हे. में नुकसान

मार्च महीने में हुई कुछ स्थानों में तेज हवा और आंधी के कारण जिले की सावनेर तहसील में 36.63 हेक्टेयर में और रामटेक तहसील में 4.54 हेक्टेयर में गेहूं की फसल खेतों में लेट गई जिससे किसानों को नुकसान होने की जानकारी कृषि विभाग द्वारा प्राप्त हुई.

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