पुणे :- महानगरपालिका चुनाव संपन्न होने के बाद अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. इसी पृष्ठभूमि में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार लगातार बैठकों का दौर कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठकें ले रहे हैं. हालांकि इसी दौरान पुणे में एक घटना सामने आई जब उपमुख्यमंत्री अजीत पवार अपने निजी सहायक (पीए) पर नाराज़ होते दिखाई दिए. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पुणे स्थित बारामती हॉस्टल परिसर में अपने कार्यालय में निर्धारित बैठकों के लिए पहुंचे थे. लेकिन उनके पहुंचने पर कार्यालय बंद पाया गया. कार्यालय बंद होने के कारण अजीत पवार को कुछ समय तक बाहर खड़े रहना पड़ा. इतना ही नहीं, उनसे मिलने आए कार्यकर्ताओं को भी बाहर इंतजार करना पड़ा. यह स्थिति देखकर अजीत पवार खासे नाराज़ हो गए. कार्यालय बंद देखकर उन्होंने अपने पीए से जवाब-तलब किया. उन्होंने कहा, ‘कार्यालय बंद क्यों है? क्या इसे खोला नहीं जाना चाहिए? लोग अंदर बैठेंगे नहीं क्या?’ इस पर पीए ने सफाई देते हुए कहा कि वे दूसरी जगह बैठे हैं. इस जवाब से असंतुष्ट अजीत पवार ने दोबारा सवाल किया, ‘तो क्या यहां कोई परेशानी होती है?’ और कड़े शब्दों में नाराजगी जताई.
प्रशासनिक लापरवाही उजागर
इसके बाद तुरंत कार्यालय खोला गया और निर्धारित बैठकों व अन्य कार्यों की शुरुआत की गई. इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और इसे प्रशासनिक लापरवाही पर उपमुख्यमंत्री की सख्त नाराज़गी के रूप में देखा जा रहा है.