नागपुर :- नंदनवन के दर्शन कॉलोनी में स्थित नागपुर सुधार प्रन्यास द्वारा विकसित एक इलाका है, जहां एक अस्पताल और एक प्राथमिक विद्यालय के लिए एक विशाल भूखंड आरक्षित है. अस्पताल के लिए आरक्षित भूमि पर विधायक निधि से एक छोटा स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसे अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है. इसी भूमि के बगल में एक प्राथमिक विद्यालय भी बनाया गया है, जो लगभग बीस वर्षों से बंद है. अन्य लोग इस भूमि का दुरुपयोग कर रहे हैं और असामाजिक तत्वों से प्रभावित हैं. स्थानीय नागरिक मांग कर रहे हैं कि बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय को एक सरकारी अस्पताल में परिवर्तित किया जाए. पूर्व नागपुर के विधायक कृष्णा खोपड़े और नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने भी इस प्राथमिक विद्यालय को अस्पताल में परिवर्तित करने का समर्थन किया है. लेकिन मनपा ने इस पर कोई कार्र्रवाई नहीं की है. बढ़ती चिकित्सा लागत, निजी अस्पतालों द्वारा गरीब और मध्यम वर्ग के शोषण और सहकारी योजनाओं की अनदेखी के कारण, सरकारी अस्पताल ही लोगों के लिए एकमात्र विकल्प बचा है. इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दिलाते हुए मांग की है कि इस बंद पड़े स्कूल को एक भव्य अस्पताल में परिवर्तित किया जाए और क्षेत्र के नागरिक इस स्थान का सदुपयोग कर सकें. इससे पहले, 5 जुलाई, 2०24 को मनपा आयुक्त डॉ. अभिषेक चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा गया था. इसके बाद, 2 अगस्त, 2०24 को निगम आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया. इस संबंध में, सांसद नितिन गडकरी ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर इस पर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. लेकिन आयुक्त ने इसे नजरअंदाज कर दिया और उक्त कार्य को आगे नहीं बढ़ाया. यह जानकारी यहां के एक सामाजिक कार्यकर्ता मारोतराव शनिवारे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी.








