– कल से तमाम आशा कर्मी नियमित काम में शामिल होंगे
नागपूर :- केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली अल्प मानधन पिछले आठ महीनों नहीं दी दिए जाने की वजह से नागपुर महानगर पालिका में कार्यरत 1100 “आशा” कर्मी 1 अक्टूबर’२०२५ से बेमुद्दत हड़ताल पर गई थी. आज गुरुवार दिनांक 16 अक्टूबर को हड़ताल की वजह से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने हेतु वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर ने यूनियन के शिष्टमंडल को चर्चा के लिए बुलाया.
चर्चा के दरम्यान प्रशासन ने बेमुद्दत हड़ताल को पीछे लेने के लिए आग्रह किया लेकिन यूनियन में स्पष्ट कहा कि जब तक केंद्र सरकार का पैसे आ नहीं जाता तब तक हड़ताल पीछे नहीं ली जाएगी. लेकिन शाम होते होते अभियान संचालक, राष्ट्रीय आरोग्य मिशन, मुंबई की ओर से विस्तारित परिपत्रक आया. परिपत्रक के मुताबिक सितंबर 2025 तक का अनुदान केंद्र सरकार के द्वारा वितरित किये जाने का परिपत्रक सभी महानगर पालिका के आयुक्तों के नाम से निर्गमित किया गया.
केंद्र सरकार द्वारा अनुदान दिए जाने के बाद यूनियन ने फैसला किया कि पिछले 16 दिनों से चल रही बेमुद्दत हड़ताल को यूनियन ने वापस लिया जाय और तमाम “आशा” कर्मी कल से नियमित काम पर जाएगी. यूनियन के अध्यक्ष भाई जम्मू आनंद तथा “आशा” विभाग के प्रमुख सुश्री. रेशमा अडागले एवं इंदिरा गोटाफोडे ने तमाम “आशा” कर्मियों की एकता के लिए अभिनंदन दिया और केंद्र सरकार को आखिरकार निधि उपलब्ध कराना पड़ा इसके लिए खुशी जाहिर की. यूनियन तमाम “आशा” कर्मियों को आह्वान करती है कि कल शुक्रवार से अपना नियमित काम पर लौट जाए. काम पर लौट जाने की जानकारी विभिन्न नागरिक प्राथमिक आरोग्य केंद्र के वैद्यकीय अधिकारियों को लिखित सुचना दे. बेमुद्दत हड़ताल के दरम्यान सुशी. वसुमना पंथ, अतिरिक्त निगम आयुक्त (शहर) तथा डॉ. सेलोकर एवं डॉ. अश्विनी निक्कम द्वारा नियमित रूप से वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ संपर्क बनाए रखने हेतु यूनियन आभार व्यक्त करती है.
बेमुद्दत हड़ताल को सफल बनाने में रेश्मा अडागले, इंदिरा गोटाफोडे, भाग्यश्री फुलाबांदे, ज्योती कांबळे, संगीता चौधरी, माधुरी टेंबेकर, संगीता चौधरी, ज्योती कावरे, श्रेया वासनिक, नंदा इखार, मीना मनवटकर, ज्योती जांभुळकर, बबिता खोब्रागडे, रोहिणी नगरारे, अपर्णा गजबिये, निराशा मेश्राम, शबनम शेख, सुधा केलकर, देवकी रामटेककर, मनीषा बरसकर, सीमा मोटघरे, शिल्पा घरडे, मनीषा विजेवार, पायल खोब्रागडे, दीपा साहू, यमुना टेकाम, उर्मिला साहू, उषा ठाकुर, नीता रामटेके, स्वपना पाटील, मोना ठाकरे, रश्मी शंबरक, दीपा गजबिये, योगिता राउत, अनिता साखरे, लीना सोमकुंवर, रत्नमाला टाकळीकर, भारती वर्मा, कोमेश्वरी गणवीर, शीतल चवरे, साधना ठाकरे, नंदा मेश्राम, सुषमा गोडघाटे, पिंकी उंबळे, अरुणा मोकारे, रुपाली थूल, पूनम मेश्राम, किरण निनावे, कोमेश्वरी गणवीर, तृप्ती बोरकर, आशा लिल्लहरे, काजल ढोंगले के अलावा कई “आशा” कर्मियों ने अथक परिश्रम की.




