Wednesday, February 25, 2026
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20 साल से कागजों में अटका महिला बचत गट मॉल, बदलती रहीं सरकारें – नहीं मिला फंड

– चंद्रशेखर बावनकुले की घोषणा को 10 महीने, तीन व्यावसायिक संकुल अब भी अधर में

– जिला परिषद की करोड़ों की जमीन पर सिर्फ वादे, अजनी–झिंगाबाई टाकली–महल प्रकल्प ठप

नागपुर :- शहर में स्थित जिला परिषद की बेशकीमती जमीनों पर महिला बचत गट, किसानों के लिए गाले व आय के स्रोत बढ़ाने के लिए अन्य व्यावसायिक संकुल बनाने की घोषणाओं और कागजी सर्कस का खेल जारी है. 20-25 वर्षों से बड़कस चौक महल स्थित 612 वर्गमीटर जमीन पर महिला बचत गट के लिए संकुल बनाने का कागजी सर्कस चल रहा है लेकिन सरकारें व मंत्री बदलते गए और किसी ने निधि नहीं दी. इस प्रोजेक्ट का इस्टीमेट, डिजाइन, नक्शा सबकुछ तैयार है और कई बार सुधारित प्रस्ताव तक दिया जा चुका है लेकिन मामला टेचल में पड़ी फाइल से आगे नहीं बढ़ पाया है. बीते वर्ष अप्रैल 2025 में पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की थी कि जेडपी की मालिकी की जमीनों मौजा अजनी स्थित साई मंदिर के समीप 9,749 वर्गमीटर, झिंगाबाई टाकली की 24,432 वर्गमीटर और महल स्थित 612 वर्गमीटर जमीन पर व्यावसायिक संकुल साकार किए जाएंगे. इसके लिए नियोजन व प्राथमिक रिपोर्ट पूर्ण करने का निर्देश भी उन्होंने जिला परिषद प्रशासन को दिया था. हालत यह है कि उसके बाद अब तक कुछ नहीं किया गया. कहां कितनी जमीन: मौजा अजनी 9,749 वर्गमीटर, झिंगाबाई टाकली 24.432 वर्गमीटर, बड़कस चौक महल 612 वर्गमीटर

ठेंगा दिखाते रह गए सभी के सभी जिले की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम करने महिला बचत गटों के उत्पाद के लिए शहर में बचत गट मॉल्स बनाने की घोषणा लगभग 20 वर्षों से की जा रही है. जिसकी भी सरकार बनी उसके नेता, मंत्रियों ही नहीं सीएम व केन्द्रीय मंत्री तक ने हर चुनाव में इसकी घोषणा की. 25 करोड़ निधि की भी घोषणा जोर-शोर से की गई लेकिन आज तक किसी सरकार ने अपनी घोषणा को अमल में नहीं लाया, जेडपी में भाजपा की सत्ता के समय तक निधि नहीं दी गई. फिर कांग्रेस की सत्ता आई तो महाविकास आघाड़ी में शामिल होने के बावजूद कांग्रेस के मंत्री भी निधि नहीं दिलवा पाए. अब एक बार फिर राज्य के राजस्व व जिला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावन‌कुले ने एक की जगह 3-3 मॉल्स बनाने की घोषणा की है लेकिन उसे भी 10 महीने बीत गए हैं. महिला बचत गटों को उम्मीद है कि यह घोषणा खोखली साबित नहीं होगी. तीनों प्रकल्प जल्द साकार हुए तो ग्रामीण भागों की महिलाओं, महिला उद्यमियों व किसानों के उत्पाद व उपजों को सिटी में अच्छा मार्केट उपलब्ध हो पाएगा.

बड़े प्रकल्पों पर अब भी ‘फाइलों’ का पहरा

राज्य सरकार से बड़कस चौक महिला बचत गट के लिए बार-बार निधि की मांग करने पर भी जब सरकार ने नहीं दी तो जिला परिषद के पूर्व पदाधिकारियों ने सरपंच भवन की पेट्रोल पंप वाली जमीन पर जिला परिषद की निधि से ही बचत गट के लिए मिनी मॉल तैयार करने की योजना बनाई. आज वह इमारत साकार हो रही है. इसके लिए महिला व बाल कल्याण विभाग की 3 करोड़ की निधि का उपयोग किया गया है. पूर्व जिप अध्यक्ष रश्मि बर्वे की संकल्पना से यह साकार किया गया है. उसी दौरान झींगाबाई टाकली की जमीन पर फूड कोर्ट को मंजूरी दी गई थी और काटोल रोड स्थित शाला मैदान पर स्पोट्र्स जोन मंजूर किया गया था लेकिन एक वर्ष पूर्व प्रशासक राज आवा तो इन प्रस्तावों को रद्द कर दिया गया.


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