नागपुर :- बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शहर में हर वर्ष होने वाले जलभराव के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए नागपुर मनपा को स्पष्ट और ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि, जलनिकासी से जुड़े आवश्यक कार्य 31 मई 2026 तक पूरे किए जाएं, ताकि आगामी मानसून में शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव की समस्या न हो। जनमंच संस्था के अध्यक्ष राजीव जगताप ने रोड सीमेंटीकरण के खिलाफ नागपुर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की है। इस मामले में न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
शपथ पत्र में मनपा का दावा : मनपा की ओर से दायर शपथ पत्र में दावा किया गया कि, इस वर्ष शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी और इसके लिए मानसून से पहले कई उपाय किए जाएंगे। शपथ पत्र में बताया गया कि, आवश्यक स्थानों पर साइड ड्रेनेज का निर्माण किया जाएगा, सीमेंट सड़कों के साथ बने स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी तथा पानी के जमीन में समाहित होने के लिए रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे। इसके अलावा कम ऊंचाई वाले भूखंडों में चेंबर बनाकर उन्हें स्टॉर्म वॉटर ड्रेन से जोड़ने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। मनपा ने यह भी कहा कि बरसात के दौरान 24 घंटे आपातकालीन नियंत्रण कक्ष संचालित रहेगा और जहां पानी जमा होगा वहां से पंपों की सहायता से पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी।
अगली सुनवाई 24 को : इस मामले में अदालत ने मनपा को मानसून से पहले आवश्यक सभी कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से एड. परवेज मिर्जा, मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट, नासुप्र और एनएमआरडीए की ओर से एड. गिरीश कुंटे, एनएचएआई की ओर से एड. अनिश कठाने तथा राज्य सरकार की ओर से एड. एस.एम. उके ने पक्ष रखा।
पंप से पानी निकालना अव्यावहारिक : जहां पानी जमा होगा और उसे सबमर्सिबल पंप से निकालने की योजना है, उसे अदालत ने अव्यावहारिक बताया। अदालत ने कहा कि, नागपुर में कई जगह जलभराव होता है और हर जगह पंप लगाना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए अदालत ने मनपा को निर्देश दिया कि, ऐसे स्थानों की पहचान कर स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि पानी स्वतः निकल सके और बार-बार मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता न पड़े। इसी प्रकार के उपाय नासुप्र को भी अपने अधिकार क्षेत्र में करने निर्देश देते हुए अदालत ने अगली तारीख से पहले नासुप्र को शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।