– आधी रात का खौफ : माता-पिता के सामने से मासूम लापता, कुछ ही दूरी पर मिला शव
– तेंदुआ या कोई और?
नागपुर :- माता-पिता के साथ झोपड़ी में सो रही 8 माह की मासूम बच्ची को रविवार की रात अज्ञात जानवर उठा ले गया. कुछ समय बाद उसका अधकटा शव मिलने से लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. अनुमान है कि किसी जंगली जानवर ने बच्ची को नोच खाया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया. इस घटना से बच्ची के माता-पिता गहरे सदमे में हैं. यह हृदय विदारक घटना हुड़केश्वर थानांतर्गत नरसाला परिसर में हुई. मृतक सिमिलिया, मध्य प्रदेश निवासी अनुष्का रविकिशन मेडा बताई गई, पुलिस के अनुसार करीब 8 महीने पहले मध्य प्रदेश के रहने वाले रवि किशन अपने परिवार सहित 25 श्रमिक परिवारों के साथ नरसाला क्षेत्र में नाले में गटर लाइन बिछाने के काम के लिए नागपुर आए थे. ठेकेदार ने सभी श्रमिक परिवारों के रहने के लिए नरसाला श्मशान घाट के पास खुले मैदान में 25 झोपड़ियां बनाकर दी थीं. इन्हीं झोपड़ियों में रवि किशन अपनी पत्नी और बेटी अनुष्का के साथ रह रहे थे. शुक्रवार की रात रवि किशन अपनी पत्नी और अनुष्का के साथ झोपड़ी में सो रहे थे. इसी दौरान आधी रात को अज्ञात जानवर झोपड़ी में घुसा. अनुष्का को उठाकर ले गया. रात 2 बजे रवि किशन की नींद खुली, तो बच्ची झोपड़ी में नहीं दिखी. उसने पहले पत्नी को जगाया और फिर अन्य श्रमिकों को सूचना दी. सभी ने मिलकर बच्ची की तलाश शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चला. इस बीच एक मजदूर ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही हुड़केश्वर के थानेदार हृदयनारायण यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. प्रकरण गंभीर होने के कारण एसीपी नरेंद्र हिवरे और सत्यवीर बंडीवार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस द्वारा खोज अभियान चलाया गया. करीब 30 मीटर की दूरी पर बच्ची का अधकटा शव बरामद हुआ. शव की हालत बेहद भयावह थी. उसकी गर्दन से ऊपर का हिस्सा अलग था और दोनों हाथ भी गायब थे. बेटी का शव देखते ही रवि किशन और उसकी पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
श्रमिक परिवारों में दहशत
पुलिस ने पंचनामा करने के साथ ही वन विभाग को भी सूचना दी, शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया. पीआई यादव ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल की जांच की है. शहर में तेंदुए का आतंक होने के कारण पहले संदेह जताया जा रहा था कि तेंदुआ ही बच्ची को उठा ले गया लेकिन वन विभाग का कहना है कि जख्मों के हिसाब से यह काम तेंदुए का नहीं है. कुते या लोमड़ी हो सकती है. डॉक्टर ने भी प्रारभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ स्पष्ट नहीं किया. केवल जानवर द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने का उल्लेख किया है. पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया.




