spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

नागपुर मेट्रो का तीसरा चरण जल्द शुरू: सीताबर्डी–कोराडी सहित चार नए कॉरिडॉर प्रस्तावित

– विदर्भ को मिलेगी मेट्रो की रफ्तार: 11.5 किमी से 15 किमी तक नए मार्गों की डीपीआर मंजूर

– महाराष्ट्र में 1.70 लाख करोड़ के रेलवे प्रकल्प: गडकरी का बड़ा ऐलान

नागपुर :- नागपुर मेट्रो के दुसरे चरण का काम अंतिम चरण में है. नागपुर मेट्रो के तीसरे चरण के तहत प्रस्तावित कॉरिडॉर में सीताबर्डी से कोराडी (11.5 किमी), बूटीबोरी एमआईडीसी से खापरी, नागपुर सैटेलाइट सिटी (3 किमी) और इनर रिंग रोड (15 किमी) का समावेश है. विस्तार से प्रकल्प रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए मंजूरी दी गई है और इस प्रकल्प को जल्द ही काम शुरू होने की अपेक्षा है, ऐसी जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गउकरी ने संवाददाता सम्मेलन में दी.

बजट पर आयोजित संवाददाात सम्मेलन में वे बोल रहे थे. इस अवसर पर विधायक कृष्णा खोपडे, पूर्व सांसद अजय संचेती, भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, पूर्व विधायक अनिल सोले, पूर्व विधायक डॉ. मिलिंद माने, पूर्व विधायक विकास कुंभारे उपस्थित थे. आगे गडकरी ने कहा कि, महाराष्ट्र में फिलहाल 1.7० लाख करोड़ रू. के रेलवे प्रकल्प शुरू है. कुल 41 नए रेल प्रकल्प, जिसमें 5.877 किमी लंबाई का समावेश है. जिसकी किमत 81.58० करोड़ रू. है. अमृत भरत योजना के तहत महराष्ट्र के 128 रेलवे स्टेशनों पर पुनर्विकास के काम शुय है.. जिसमें नागपुर, अकोला, अजनी, अमरावती, बडनेरा, गोंदिया, हिंगणघाट, वर्धा और वाशिम जैसे विदर्भ संभाग के अनेक स्टेशनों का समावेश है. लगातार ढांचागत सुविधाओं में निवेश और संरचात्मक सुधारों से भारत का लॉजिस्टिक खर्च कम हुआ है. जिससे आर्थिक वृद्धि और वैश्विक स्पर्धात्मकता अधिक मजबूत हुई है.

आयात -निर्यात के लिए लॉजिस्टिक खच महत्वपूर्ण है. विकसित अर्थव्यवस्था में सकल राष्ट्रीय उत्पादन के जीडीपी करीब 8-9 प्र.श., चीन में करीब 8 प्रश. और युरोपियन देशों में करीब 12 प्र.श. लॉजिस्टिक खर्च होता है. वही भारत का लॉजिस्टिक खर्च पहले 14-16 प्र.श. था और वह लगातार कम हो रहा है, ऐसा गडकरी ने बताया.


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.