– अब तक मौत का आकडा 40 के पार..
– बाघ की दहशत….
चंद्रपूर :- चंद्रपुर वनपरिक्षेत्र के पायली-भटाली बिट के जंगल क्षेत्र में सूखी लकड़ियाँ इकट्ठा करते समय झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने हमला कर एक व्यक्ति की जान ले ली। मृतक की पहचान बाबा नारायण गेडाम (54), निवासी चिंचोली के रूप में हुई है। पिछले कुछ महीनों से जिले में मानव–वन्यजीव संघर्ष चरम पर है और अब तक बाघ के हमलों में 40 लोगों की जान जा चुकी है।
रविवार को चिंचोली निवासी बाबा नारायण गेडाम साइकिल से चंद्रपुर वनपरिक्षेत्र के पायली–भटाली बिट के वन कक्ष क्रमांक 800 में गए थे। शाम को उनके परिवार के सदस्य काम से घर लौटे, लेकिन बाबा घर नहीं पहुँचे। देर होने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, पर उनका कोई पता नहीं चला।
इसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाशी के लिए जंगल की ओर गए, जहाँ उन्हें गेडाम की साइकिल और खून के धब्बे दिखाई दिए। इसकी सूचना दुर्गापुर पुलिस और वन विभाग को दी गई। पुलिस व वन विभाग मौके पर पहुँचा। तलाशी के दौरान ग्रामीणों को गेडाम की कुल्हाड़ी, चप्पल और खून से सने कपड़े मिले। अंततः रविवार रात लगभग 11 बजे गेडाम का क्षत-विक्षत शव, हाथ और शरीर के टुकड़े जंगल में बरामद हुए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाघ को तुरंत पकड़ने या नियंत्रित करने की मांग की।
वन्यजीवों के हमलों में अब तक 40 मौतें
चंद्रपुर जिले में जारी मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025 में अभी तक बाघ के हमलों में 36, तेंदुए के हमलों में 2, तथा भालू और हाथी के हमलों में 1–1 व्यक्ति की मौत हुई है। कुल मिलाकर अब तक 40 लोगों की जान वन्यजीवों के हमलों में गई है।








