– सड़क हो गई दुर्दशा का शिकार, धूल-मिट्टी से लोगों का स्वास्थ्य खतरे में
नागपुर :- मोमिनपुरा फ्लाई ओवर का काम 2021 में शुरू हुआ था, लेकिन पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। लंबे समय से फ्लाई ओवर का काम बंद पड़ा है। परलाई ओवर बनने पर ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलने का सपना पूरा नहीं हुआ, उल्टे अधूरा काम लोगों के लिए आफत बन गया है। फ्लाई ओवर के लिए खड़े किए बड़े-बड़े पिलर से रास्ता संकरा हो गया है। फ्लाई ओवर का काम शुरू होने के बाद से यहां से सिटी बस बंद कर दी गई है। रास्ते पर गड्ढों की भरमार है। जगह-जगह कचरा पड़ा हुआ है। दिन भर धूल-मिट्टी उड़ने से परिसर के लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने बड़े हसरत से कड़बी चौक से मोमिनपुरा तक बनने वाले फ्लाई ओवर का काम महारेल को दिया था। इसकी एक लैंडिंग गार्ड लाइन पर उतारी जाएगी। 2021 में काम शुरू हुआ था। महारेल ने फ्लाई ओवर के लिए पिलर खड़े कर दिए। जगह-जगह खुदाई करने के कारण मोतीबाग से मोमिनपुरा तक सड़क खस्ताहाल है। दिन भर पूल-मिट्टी उड़ती रहती है। सड़क और सडक के इर्द-गिर्द कूड़ा-कचरा का ढेर लगा हुआ है। मनपा के पूर्व आयुक्त टी. चंद्रशेखर ने यहां से सिटी बस दौड़ाई थी, लेकिन अब बस बंद हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्राफिक जाम से छुटकारा तो नहीं मिला, उल्टा मुसिबत बढ़ गई है। रास्ते की दुरुस्ती नहीं हो रही। नियमित सफाई नहीं होने से कचरा व गंदगी फैल गई है। लंबे समय से फ्लाई ओवर का काम बंद पड़ा है। रास्ता संकरा होने से दिन भर इस मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। उड़ने वाली धूल-मिट्टी सेहत खराब कर रही है।
महारेल के जनसंपर्क अधिकारी ज्ञानेश्वर मोरे से संपर्क करने की कोशिश की, पर उनका मोबाइल बंद था। वाट्स एप किया, लेकिन प्रतिसाद नहीं मिला। एसएमएस किया, पर जानकारी नहीं दी गई। अब उनकी जगह नए पीआरओ स्वानंद गंगाल आए है। उनका कहना है कि अधिकारियों से जानकारी लेकर उपलब्ध की जाएगी। महारेल के स्थानीय अधिकारी इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है। पीआरओ से बात करने का परामर्श देते है।
महारेल के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी
शहर कांग्रेस व्यापारी सेल के प्रमुख श्रीकांत ढोलके वे कहा कि कांग्रेस के स्वानीय पदाधिकारियों ने फ्लाई ओवर के काम में तेजी लाने की मांग को लेकर दो बार आंदोलन किया। महारेल के अधिकारी में सड़क की शीघ्र दुरुस्ती व फ्लाई ओवर का काम पूरा करने का दावा किया था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। अब महारेल के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। अधूरा फ्लाई ओवर लोों के लिए मुलीचत बन गया है। उत्तर नागपुर से मध्य नागपुर आने के लिए दो प्रमुख मार्ग है और दोनों मार्गों की हालत खरता है। उन्होंने कहा कि विकास का दावा करने वालों ने यहां चलकर दिखाना चाहिए ।