– खेल मैदान बना निर्माण सामग्री का गोदाम, विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को भारी परेशानी
– रावणवाड़ी क्षेत्र में उड़ती धूल से बिगड़ रहा स्वास्थ्य, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गोंदिया :- गोंदिया तहसील अंतर्गत चारगांव में सीमेंट सड़क का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन निर्माण सामग्री से धूल ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। धूल से सांस लेने, आंखों में जलन व एलर्जी की समस्या हो रही है। ऐसे में सड़क निर्माण की सामग्री खेल मैदान में रख दी गई है। जिस वजह से आवागमन करने वाले तथा खिलाड़ियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उपरोक्त समस्या शीघ्र हल करें। बता दें कि, रावणवाड़ी क्षेत्र के चारगांव में सड़क निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू है। लेकिन इस काम में लगने वाली सामग्री जहां, जगह मिली वहीं पर ढेर कर रखी जा रही हैं। वहीं धूल इतनी हो रही है कि परिसरवासियों को सांस लेने में तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।
शाला व निवासी परिसर के खुले मैदानों में निर्माण सामग्री के ढेर रखे गए हैं, जिससे आवागमन करने वाले तथा विद्यार्थियों को खेलने के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या आंखों में जलन व एलर्जी जैसी समस्या स्थानीय नागरिकों में देखने को मिल रही है। खुले मैदान से सामग्री हटाई जाए, निर्माण सामग्री से धूल को नियंत्रण में रखने के उपाय किए जाए अन्यथा ग्रामीणों द्वारा कार्रवाई करने की मांग की शिकायत की जाएगी। इस तरह की चेतावनी ग्राम के पंकज नागपुरे, खेमेंद्र पंधरे, महेश पटले तथा अन्य ग्रामीणों ने दी है।
निर्माण स्थल से उड़ रही धूल के कारण गांव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से दमा या श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली रेत, सीमेंट और गिट्टी जैसी सामग्री खुले में बिखरी पड़ी है, जिससे हवा के साथ धूल पूरे गांव में फैल रही है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री को गांव के खेल मैदान में ही डाल दिया गया। इससे खिलाड़ियों और बच्चों के खेलकूद पर भी असर पड़ा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मैदान में सामग्री रखे जाने से आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
धूल के कारण सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण सामग्री को तत्काल मैदान से हटाया जाए और धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव किया जाए। साथ ही, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।




