Friday, April 10, 2026
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समृद्धि एक्सप्रेस-वे में करोड़ों का स्टील घोटाला, नागपुर बना जांच का केंद्र

– ट्रेलरों में कम निकला स्टील, 3 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा

– परभणी पुलिस की नागपुर में दबिश, ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर शक गहराया

 नागपुर :- समृद्धि एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट में करोड़ों का स्टील घोटाला हुआ है। इसका केंद्र बिंदु नागपुर हो सकता है, ऐसा माना जा रहा है। इसकी पड़ताल करने के लिए परभणी पुलिस ने नागपुर में दबिश दी है। कापसी स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनी सहित अन्य जगहों को खंगाला गया। चौंकाने वाला बड़ा घोटाला उजागर होने की आशंका है।

पीएनआरसी इन्फोटेक लिमिटेड कंपनी के सहायक प्रबंधक उदित राकेश जैन (40) ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें समृद्धि एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट में बड़ा स्टील घोटाला होने का आरोप लगाया है। समृ‌द्धि महामार्ग पर जालना से नांदेड तक एमएसआरडीसी द्वारा निर्माण-कार्य किया गया है। 20 मार्च 2026 को परभणी पुलिस को दिए गए बयान में जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट को स्टील सप्लाई करने का ठेका बुटीबोरी के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया को दिया गया है। इसके परिवहन की जिम्मेदारी जयपुर के सुनीता रोड कैरियर्स को दी गई है। सुनीता रोड कैरियर्स ने यह काम नागपुर के भंडारा रोड कापसी स्थित ट्रांसपोर्टर कंपनी को दिया है। कंपनी कंटेनर सप्लाई करने का काम करती है।

25 जून 2025 से अभी तक करीब 80 खेपों में स्टील पहुंचाया गया है। यह माल नागपुर के कुछ ट्रांसपोर्टर कंपनी के कंटेनरों द्वारा पहुंचाया गया है। इस कारण पुलिस का मानना है कि घोटाले का केंद्र बिंदु नागपुर हो सकता है। फिलहाल परभणी पुलिस के जांच अधिकारी सुधाकर खजे ने अपनी टीम के साथ नागपुर में डेरा डाल रखा है। संदिग्ध ट्रांसपोर्टरों की पड़ताल जारी है। 15 मार्च 2026 की दोपहर 2 बजे नागपुर के ट्रांसपोर्टर कंपनी के तीन ट्रेलर बुटीबोरी से स्टील लेकर परभणी पहुंचे थे। वजन करने पर ट्रेलर क्र.जी.जे. 05 बीजेड 0871 में 11.34 टन स्टील कम पाया गया है। दूसरे ट्रेलर क्र. एम.एच..40 सी.एम.7007 में 8.84 टन कम माल था, जबकि तीसरे ट्रेलर का चालक बिना वजन किए ही वहां से भाग निकला था। मौजूद अधिकारियों ने जब चालकों से पूछताछ करनी चाही तो बाकी के दो ट्रेलरों के चालक भी भाग निकले थे।

एक दिन में करीब 10 लाख से ज्यादा की हेराफेरी : चोरी पकड़ी गई तो कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर राघव चौधरी और एम.डी. हुसैन उर्फ गोलू मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मामला को रफा-दफा करना चाहा, लेकिन मौजूद अधिकारियों ने इनकार कर दिया। तब हंगामा खड़ा किया और वहां से ट्रेलरों को ले जाने का प्रयास किया। एक दिन में करीब 10 लाख रुपए से भी ज्यादा का घोटाला किए जाने की आशंका है।

एक दिन में 10 लाख की चोरी की आशंका

प्रकरण में 3 करोड़ रुपए से चूना लगाए जाने का दावा किया गया है। उपकरणों से छेड़छाड़ के भी आरोप : उक्त तीन ट्रेलरों के अलावा उसके पहले भेजे गए ट्रेलरों में भी इसी तरह से घोटाला होने की आशंका है, जिसके चलते इलेक्ट्रिक उपकरणों में छेड़छाड़ करने का आरोप है। कम वजन होने के बाद भी ज्यादा दर्शाए जाने की आशंका है। इसमें कुछ ट्रांसपोर्टर, चालक व अन्य कर्मचारियों की लिप्तता की आशंका है। परभणी पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।


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