spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

संघ का शताब्दी संकल्प: पंच परिवर्तन के साथ समरस समाज की ओर

– विजयादशमी पर रेशीमबाग से गूंजेगा सामाजिक समरसता का संदेश

नागपुर :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष अब बस कुछ ही दिनों में विजयादशमी के पावन अवसर पर मनाया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी नागपुर के रेशीमबाग में होने वाले विजयादशमी उत्सव पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। लेकिन इस बार खास बात यह है कि संघ ने अपने 100वें वर्ष में “पंच परिवर्तन” को प्राथमिकता दी है, जिसमें ‘स्व-बोध’, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक शिष्टाचार और कुटुंब प्रबोधन जैसे मूल तत्व शामिल हैं।

संघ के तृतीय सरसंघचालक मधुकर दत्तात्रेय देवरस उर्फ बाळासाहेब देवरस ने अपने कार्यकाल में सामाजिक समरसता को बेहद महत्त्वपूर्ण स्थान दिया था। उन्होंने 1981 में संघशिक्षा वर्ग के समापन समारोह में रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा बिहार के पूर्व राज्यपाल दिवंगत रा. सू. गवई को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर समाज को एक सशक्त संदेश दिया था।

संघ पर प्रायः एक खास जाति तक सीमित रहने का आरोप लगता रहा है, लेकिन इसके प्रत्युत्तर में संघ ने समय-समय पर सर्वसमावेशक और समरसतापूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में कार्य किया है। अब शताब्दी वर्ष में यह दिशा और भी स्पष्ट रूप से सामने लाई जा रही है। बाळासाहेब देवरस द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता के संदेश को अब हर वर्ग, हर कोने तक पहुँचाने के लिए खंड स्तर पर ‘सामाजिक सद्भाव बैठकों’ का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों के माध्यम से संघ सामाजिक समरसता के अपने संकल्प को जमीन पर उतारने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर संघ का यह कदम न केवल संगठन की सोच में परिवर्तन दर्शाता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने की दिशा में एक प्रभावशाली प्रयास भी है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.