– तहसीलदार प्रज्ञा भोकरे व टीम की फिल्मी कार्रवाई
यासीन शेख गोंदिया (गोरेगांव) :- रेती माफिया द्वारा अवैध रेती परिवहन में कार्रवाई से बचने के लिए अपनाए जा रहे नए-नए फंडों के बीच गोंदिया–कोहमारा हाईवे पर कंटेनर के जरिए रेती परिवहन का मामला सामने आया है। दिनांक 9 फरवरी को गोरेगांव तहसील कार्यालय के ठीक सामने तहसीलदार प्रज्ञा भोकरे ने फिल्मी अंदाज में रेती से भरे कंटेनर को रंगे हाथों पकड़कर रेती माफिया के मंसूबों पर पानी फेर दिया। गोरेगांव राजस्व विभाग अवैध रेती परिवहन को लेकर एक्शन मोड में है। बीते कुछ हफ्तों से लगातार रेती से भरे टिप्परों पर कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन कंटेनर के जरिए रेती परिवहन का यह पहला मामला उजागर हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंटेनर क्रमांक MH 40 CM 9599 में रेती भरकर गोंदिया से कोहमारा की ओर ले जाई जा रही थी। सूत्रों से सूचना मिलते ही गोरेगांव राजस्व विभाग की टीम पहले से ही तहसील कार्यालय के सामने तैनात थी। कंटेनर के पहुंचते ही तहसीलदार प्रज्ञा भोकरे एवं विशेष पथक ने रेती से भरे कंटेनर को पकड़ने में सफलता हासिल की।
इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार राजश्री मल्लेवार, विलास मोदरकर, पी. वाय. रहांगडाले तथा आर. बी. राऊत मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कंटेनर का मालिक रोहित गुलहनी है। उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई से रेती माफिया में हड़कंप मच गया है, वहीं गोरेगांव राजस्व विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अवैध रेती परिवहन पर अब पूरी तरह नकेल कसी जाएगी।
कार्रवाई से बचने रेती माफिया का नया फंडा, कंटेनर से रेत परिवहन का खुलासा
मुद्दे की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेती आखिर किस वैध घाट से भरी गई? शासन द्वारा निर्धारित रेती घाटों के नियमों के विपरीत कई घाटों से तय सीमा से अधिक रेती निकाली जा रही है। यही कारण है कि ट्रकों में ओवरलोड रेती आम तौर पर नजर आती है। अब कार्रवाई से बचने के लिए रेती माफियाओं ने अवैध रेती परिवहन का नया जरिया—कंटेनर अपनाना शुरू कर दिया है।
कंटेनर के माध्यम से रेती परिवहन करने से यह आसानी से प्रशासन की नजरों से बचकर निकाली जा सकती है। पकड़ा गया रेती से भरा कंटेनर नागपुर ले जाया जा रहा था, जिससे अवैध नेटवर्क के बड़े होने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना यह होगा कि मंत्री बावनकुले के आदेशानुसार राजस्व, परिवहन और खनिज—तीनों विभाग संयुक्त कार्रवाई करते हैं या नहीं, अथवा आदेशों को नजरअंदाज किया जाता है। साथ ही जिस रेती घाट से यह रेती लाई गई, उस पर किस स्तर की कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।