– खाद्यान माफियाओं पर शिकंजा
नागपुर :- शहर में राशन अनाज की संभावित कालाबाजारी पर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए १० बोरी गेहूं से भरे एक वाहन को पकड़ा है। मामले में पुलिस को संदेह है कि जब्त किया गया गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) का हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि खाद्यान्न आपूर्ति विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
नमूना लेने नहीं पहुंच सके अधिकारी : पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात क्राइम ब्रांच यूनिट 3 के पुलिस निरीक्षक अमित देशमुख और उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर गेहूं से लदे एक आयशर वाहन को रोका। वाहन की जांच में करीब 90 बोरियां गेहूं बरामद हुई। प्रत्येक बोरी में लगभग 50 किलो गेहूं भरा होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने गेहूं और वाहन को जब्त कर पारडी पुलिस थाने में सुरक्षित रखा है। मामले की जानकारी तत्काल खाद्यान्न आपूर्ति विभाग को भी दे दी गई। लेकिन विभाग में पर्याप्त कर्मचारियों की कमी होने के कारण अधिकारी बुधवार को जब्त माल का नमूना लेने नहीं पहुंच सके। अब खाद्यान्न आपूर्ति विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जब्त गेहूं राशन दुकानों के लिए आवंटित सरकारी अनाज है या निजी व्यापार का माल। यदि जांच में यह राशन अनाज साबित होता है तो यह भी पता लगाया जाएगा कि माल किस राशन दुकान से उठाया गया था और उसे कहां ले जाया जा रहा था।
दुकानदारों और बिचौलियों की मिलीभगत
सूत्रों के मुताबिक, शहर में राशन अनाज की कालाबाजारी से जुड़े नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हैं। आरोप है कि कुछ राशन दुकानदारों और बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी अनाज खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। ऐसे में क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई खाद्यान माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और खाद्यान आपूर्ति विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।







