– अब 15 की जगह केवल 4 समितियां रहेंगी
नाशिक :- ज्ञानदान के अलावा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझे रहने के कारण शिक्षक प्रभावित होते हैं और उनके मुख्य कार्य पर परिणाम होता है. इस संबंध में शालेय शिक्षण मंत्री दादा भुसे ने बताया कि शिक्षकों की शिकायतें वर्षों से सामने आ रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अब स्कूल स्तर पर पंद्रह के स्थान पर केवल चार प्रमुख समितियां ही कार्यरत रहेंगी. मंत्री दादा भुसे ने आगे कहा कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास देशभर के सभी स्कूलों के पाठ्यपुस्तकों में छात्रों तक पहुंचाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में विभिन्न स्तरों पर अच्छा शैक्षणिक कार्य करने वालों के लिए मंत्री भुसे ने प्रोत्साहन पुरस्कारों की घोषणा की है. इसके अनुसार प्रथम पुरस्कार के लिए पांच करोड़ रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए तीन करोड़ रुपये, तथा तृतीय पुरस्कार पारितोषिक दिया जाएगा.




