– फ्रेंड्स कॉलोनी में बढ़ी संख्या, मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल
नागपुर :- शहर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. अलग-अलग क्षेत्रों में कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार उजागर होने के बावजूद नागपुर महानगरपालिका ध्यान नहीं दे रही है. बच्च्चों, बुजुर्गो और महिलाओं पर हो रहे हमलों से नागरिकों में भय का वातावरण है. रहवासी क्षेत्रों, स्कूलों और बाजारों के आसपास झुंड में घूम रहे कुत्तों के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. पिछले कुछ दिनों में शहर के कई हिस्सों में कुत्तों के काटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. पीड़ितों को तत्काल उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया, कई मामलों में बच्चों को गंभीर चोटें आईं. अभिभावकों में आक्रोश है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा. अब फ्रेंड्स कॉलोनी और आसपास के इलाकों में आवारा श्वानों की संख्या हद से अधिक बढ़ गई है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है. सड़कों पर झुंड बनाकर बैठे कुत्ते राहगीरों के पीछे दौड़ते हैं. सुबह सैर करने वाले नागरिकों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है. कई इलाकों में लोगों ने स्वयं ही डंडे लेकर गश्त करना शुरू कर दिया है. ऐसे में मनपा की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.
केवल बोलबचन तक सिमटी कार्रवाई : मनपा प्रशासन के दावे हैं कि कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान नियमित रूप से चलाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के बाद पुनः उसी क्षेत्र में छोड़ा जाता है जो नियमों के अनुरूप है. हालांकि नागरिकों का आरोप है कि अभियान की रफ्तार धीमी है और प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही.
डॉग लवर्स कर रहे लापरवाही
कुत्तों की बढ़ती संख्या के बीच तथाकथित डॉग लवर्स की लापरवाही भी अब सवालों के घेरे में है. रहवासी क्षेत्रों, सड़कों और पाकों में खुले में खाना डालने से कुत्तों के झुंड इकट्ठा हो रहे है जिससे आसपास रहने वाले नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नागरिकों का आरोप है कि कुछ लोग नियमित रूप से कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर कुत्तों को भोजन देते हैं लेकिन उनकी देखरेख, टीकाकरण या नसबंदी की जिम्मेदारी नहीं लेते. परिणामस्वरूप एक ही स्थान पर श्वानों की संख्या बढ़ रही है और झुंड बनाकर राहगीरों पर भौंकने व दौड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं.