– जमीन देने से किया इनकार
नागपुर :- चामोर्शी तहसील में प्रस्तावित वरद फेरो अलॉय कंपनी की लौह परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान छह गांवों के नागरिकों ने एक स्वर में जमीन अधिग्रहण और संभावित प्रदूषण के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
मंगलवार, 17 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागृह में आयोजित प्रदूषण मंडल की जनसुनवाई उस समय हंगामेदार हो गई, जब चामोर्शी तहसील के मुधोली, जैरामपुर, गणपुर समेत छह गांवों के नागरिकों ने प्रस्तावित वरद फेरो अलॉय कंपनी की लौह परियोजना का तीव्र विरोध किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन परियोजना के लिए नहीं देंगे।
जानकारी के अनुसार, चामोर्शी तहसील की वैनगंगा नदी तट पर बसे मुधोली चक नं. 2, गणपुर (रै.), जैरामपुर, कोनसरी, सोमनपल्ली और हलदीमाल इन छह गांवों की 400 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा चलाई जा रही है। इसी संदर्भ में प्रदूषण मंडल चंद्रपुर की ओर से यह जनसुनवाई आयोजित की गई थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से जमीन बिक्री के लिए दबाव बनाया जा रहा है और अधिग्रहण प्रक्रिया जबरन चलाई जा रही है। उनका कहना था कि जिस स्थान पर परियोजना प्रस्तावित है, वहीं जनसुनवाई आयोजित की जानी चाहिए थी, लेकिन इसे गड़चिरोली में रखकर लोगों पर प्रशासनिक दबाव बनाया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि जनसुनवाई में लोगों को खुलकर अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
प्रस्तावित परियोजना के तहत डीआरआई स्पंज आयरन प्लांट, इंडक्शन फर्नेस, रोलिंग मिल, फ्लैट प्रोडक्ट रोलिंग मिल, सेक्शन रोलिंग मिल, फोर्जिंग यूनिट, पिकलिंग, ब्राइट बार, इंगट कास्टिंग, कैप्टिव पावर प्लांट और सबमर्ज्ड आर्क फर्नेस जैसे कई औद्योगिक संयंत्र स्थापित किए जाने हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन संयंत्रों से बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलेगा, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण, खेती और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा।
जनसुनवाई के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। कार्यक्रम में प्रदूषण मंडल चंद्रपुर के अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि तथा गणपुर (रै.) के प्रशांत मेकलवार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य महादेव परसोडे, गुरुदेव आभारे, सरपंच सुधाकर गजबे, प्रकाश गौरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि पर्यावरण और आजीविका के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।