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व्यापारी जुटान – स्वदेशी आंदोलन को समर्पित भव्य आयोजन

नागपूर :- देशभर के व्यापारियों का बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय व्यापारी जुटान आज नागपुर में भव्य रूप से आरंभ हुआ। यह आयोजन पूरी तरह से स्वदेशी आंदोलन को समर्पित रहा और इसका उद्देश्य भारत के व्यापारिक तंत्र में स्वदेशी विचारधारा को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है। आयोजन के प्रथम दिन देश के विभिन्न प्रांतों से आए प्रमुख व्यापारी नेताओं, संगठनों और प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया कि अब देश का व्यापारिक ढांचा पूरी मजबूती से ‘स्वदेशी अपनाओ – भारत बनाओ’ की दिशा में अग्रसर होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ व्यापारी एकता एवं स्वदेशी भावना से जुड़े गीतों की प्रस्तुति और अतिथियों के स्वागत परिचय के साथ हुआ। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन कर व्यापारी समुदाय ने एक स्वर में स्वदेशी को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए इस महाअभियान का शंखनाद किया। मंचासीन विशिष्ट अतिथियों, वरिष्ठ वक्ताओं और संगठन प्रतिनिधियों ने एकमत होकर कहा कि भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती तभी संभव है जब देश का व्यापारी वर्ग स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार को अपना सर्वोच्च कर्तव्य माने।

बी.सी. भरतिया ने अपने संबोधन में कहा —

“देश के सबसे ऑर्गेनाइज़्ड रिटेल सेक्टर जो भारत जैसी घनी आबादी वाले देश को हर तरह के ज़रूरत के सामान को सही समय पर पहुँचाते हैं, उनको ‘छोटा व्यापारी, छोटा व्यापारी’ बोल-बोल कर उसका अपमान करते हैं। यह हमारी गलती है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामान को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाकर हम अपने खुद के स्वदेशी सामानों की अनदेखी करते हैं। स्वदेशी हमारी पहचान है, हमें भूलना नहीं चाहिए, और 2047 तक हमारा देश पूरी तरह स्वदेशी बन जाए ऐसी परिकल्पना हर भारतीय को करनी चाहिए।”

प्रथम सत्र में देशभर के प्रमुख व्यापारी संगठन प्रतिनिधियों ने व्यापार क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए यह स्वीकार किया कि विदेशी उत्पादों की बढ़ती पैठ न केवल घरेलू उद्योगों को कमजोर कर रही है बल्कि स्थानीय व्यापारियों के अस्तित्व को भी चुनौती दे रही है। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही लाखों छोटे, मझोले और पारंपरिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पुनर्जीवित किया जा सकता है।

सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा,”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी आह्वान को सफल बनाना हर भारतीय व्यापारी का कर्तव्य है। हमें विदेशी उत्पादों की निर्भरता समाप्त कर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है, और इसके लिए व्यापारी समाज देशभर में स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार का संकल्प ले चुका है।”

आसुनील सिंघवी ने कहा,

“भारत की अर्थव्यवस्था की असली ताकत हमारे स्वदेशी उद्योग और व्यापारी हैं। अगर हम सभी मिलकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देंगे तो न केवल देश की GDP मजबूत होगी, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।”

आर. सुंदरम अध्यक्ष स्वदेशी जागरण मंच ने कहा,

“स्वदेशी केवल एक आर्थिक विकल्प नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। अब समय आ गया है कि हम आयातित वस्तुओं की जगह भारतीय उत्पादों को अपनी पहली पसंद बनाएं और ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहारिक रूप दें।”

धर्मेंद्र कुमार, अध्यक्ष राष्ट्रीय हॉकर्स एसोसिएशन ने कहा,

“देशभर के लाखों हॉकर्स (फेरीवाले) रोज़मर्रा की ज़रूरतें आम जनता तक पहुंचाते हैं। अगर उन्हें स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं तो वे घर-घर स्वदेशी का संदेश पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।”

सतीश चौहान, अध्यक्ष भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने कहा,

“भारत का व्यापारिक तंत्र तभी सशक्त होगा जब हम विदेशी ब्रांड्स की जगह भारतीय ब्रांड्स को प्राथमिकता देंगे। स्वदेशी अभियान हमारे MSME सेक्टर के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।”

सतीश कुमार राष्ट्रीय सह संयोजक ने कहा,

“आज हमें उपभोक्ताओं की सोच बदलनी होगी—स्वदेशी खरीदना ही राष्ट्र सेवा है। हर व्यापारी को अपने स्टोर पर स्वदेशी उत्पादों को प्रमुख स्थान देना चाहिए।”

दीपक शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक व्यापारी जुटान ने कहा,

“व्यापारी जुटान का मुख्य उद्देश्य यही है कि देश के कोने-कोने से आए व्यापारी मिलकर स्वदेशी अभियान को जनांदोलन बनाएं। हम इसे केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारत के आर्थिक पुनर्जागरण की शुरुआत मानते हैं।”

इन्होंने व्यापारी समुदाय को संगठित कर देशव्यापी स्तर पर स्वदेशी आंदोलन को नई गति देने का आह्वान किया और इसके लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की।

तकनीकी सत्र में वक्ताओं ने बताया कि डिजिटलाइजेशन, साइबर बैंकिंग, अकाउंट फ्रीजिंग, व्यापारी क्रेडिट कार्ड, लेट पेमेंट और साइबर इंश्योरेंस जैसी व्यवस्थाएं तभी सार्थक होंगी जब इन माध्यमों से स्वदेशी उद्योगों और व्यापारों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों ने व्यापारियों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए स्वदेशी उत्पादों की बिक्री, वितरण और प्रचार में नवाचार लाएं तथा उपभोक्ताओं को भारतीय वस्तुओं की गुणवत्ता, टिकाऊपन और मूल्य के प्रति जागरूक करें।

विभिन्न प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में भारत का व्यापारी वर्ग स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार को ही अपना मुख्य ध्येय बनाएगा। उन्होंने दो दिवसीय व्यापारी जुटान को स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वरूप देने वाला ऐतिहासिक अवसर बताया।


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