spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

देवपायली दल्ली घाट पर अवैध रेत खनन का कहर? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

– राजस्व और पुलिस की ‘अर्थपूर्ण’ खामोशी, खोखले हो रहे नदी घाट

यासीन शेख, जिला प्रतिनिधि देवरी से रिपोर्ट

देवरी क्षेत्र के देवपायली और दल्ली रेत घाटों पर इन दिनों अवैध रेत खनन ने विकराल रूप ले लिया है। रेत माफिया खुलेआम धड़ल्ले से अवैध उत्खनन कर रहे हैं। प्रतिदिन सैकड़ों ब्रास रेत की निकासी की जा रही है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि इस अवैध कारोबार को प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है।

देवपायली और दल्ली घाटों से रात-दिन ट्रैक्टर, हाइवा और ट्रकों के माध्यम से रेत का परिवहन जारी है। बिना वैध अनुमति और रॉयल्टी के यह गतिविधि बेखौफ चलने के आरोप लग रहे हैं। नदी पात्र में मशीनों के उपयोग से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ रहा है। तेज रफ्तार भारी वाहन ग्रामीण सड़कों से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और सड़कें भी जर्जर हो रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस विषय में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।

देवपायली और दल्ली घाटों पर बेतहाशा खनन से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। नदी में जलस्तर घटने और गहरे गड्ढे बनने की बातें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित खनन से भूजल स्तर प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा असर खेती और पेयजल आपूर्ति पर पड़ता है।

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र को भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय और जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.