– कुछ घंटों की बारिश में डूबा नागपुर, 180 मिमी बारिश से शहर बेहाल, 461 लोगों का रेस्क्यू
नागपुर :- राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट सिटी’ नागपुर की मंगलवार को हुई मूसलधार बारिश ने हकीकत सामने ला दी। महज कुछ घंटों में करीब 180 मिमी बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। निचले इलाके जलमग्न हो गए, सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई स्कूलों, कॉलेजों तथा रिहायशी क्षेत्रों में पानी भर गया। मानसून पूर्व तैयारियों और विकास के दावे करने वाली मनपा की भी इस बारिश ने पोल खोलकर रख दी।

बारिश के कारण शहरभर से 37 आपातकालीन घटनाओं की सूचना मिलने पर नागपुर महानगरपालिका के अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया। 21 स्थानों पर जलभराव, चार स्थानों पर पेड़ गिरने और 12 रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुल 461 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शहर के खामला परिसर स्थित एक स्कूल में पानी भर जाने से वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि अंबाझरी बायोडायवर्सिटी पार्क में फंसे नागरिकों को एसडीआरएफ की मदद से बाहर निकाला गया। लगातार भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार, 29 जुलाई को नागपुर जिले के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

बारिश के बाद शहर के अनेक इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जगह-जगह जलभराव, बंद सड़कें और फंसे हुए वाहन यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नागपुर को जलभराव से राहत कब मिलेगी?





